पांच सौ और एक हजार के नोट पर रोक के बाद रकम बदलने और खाते में जमा करने के इरादे से निकले रिटायर्ड सिपाही को दिनदहाड़े लूट लिया गया। पूर्व सिपाही के साथ लूट को लेकर संजीदा होने की बजाय पुलिस सीमा विवाद में उलझी है।
पीपीगंज प्रतिनिधि के मुताबिक लुटेरों की चपट में आए भरवल गांव के रहने वाले रिटायर्ड सिपाही धनई कन्नौजिया (65)। बृहस्पतिवार को वह एक लाख रुपये लेकर पीपीगंज की एसबीआई शाखा पर पहुंचे थे। उनके मुताबिक बैंक में लंच होने पर वह रकम के साथ शाखा के बाहर आ गए तो वहां कार के साथ मौजूद युवकों ने उनसे पूर्व परिचित जैसा व्यवहार करते हुए बातचीत शुरू कर दी। एक युवक ने खुद को रिश्तेदार बताते हुए बातचीत बढ़ाई और कार के करीब तक ले आया। कार के पास पहुंचते ही दूसरे युवक ने तेजी से दरवाजा खोला और पास मौजूद युवक ने धक्का देकर कार की सीट पर पहुंचाते हुए तमंचा सटा दिया।
चिलुआताल तक कार दौड़ाते हुए मणिराम पुल के बंधे के करीब गाड़ी रोकी और एक लाख नकदी छीनने के बाद कार से धक्का दे दिया। धनई का कहना है कि लुटेरों के कार दौड़ा देने के बाद वह ऑटो से पीपीगंज थाने पहुंचे लेकिन दूसरे का थाना क्षेत्र की घटना बताकर तहरीर तक नहीं ली गई। थानेदार हरी सिंह यादव ने बताया कि पीड़ित को चिलुआताल थाने में तहरीर देने को कहा गया है।