फॉर्मासिस्ट का फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर मेडिकल स्टोर का लाइसेंस दिलाने वाले युवक पर कैंट पुलिस ने जालसाजी का केस दर्ज किया है। ड्रग इंस्पेक्टर ने शनिवार को पहुंचकर तहरीर दी थी। मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। जालसाजी करने वाला युवक सीतापुर का रहने वाला है और इलाहाबाद के युवक के सर्टिफिकेट का उसने इस्तेमाल किया था।
ड्रग इंस्पेक्टर बृजेश कुमार यादव ने शनिवार को कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई कि सीतापुर, सरोजनीनगर के रहने वाले कर्मवीर सिंह ने फॉर्मासिस्ट के फर्जी सर्टिफिकेट पर मेडिकल स्टोर का लाइसेंस लिया है।
उन्होंने बताया कि कर्मवीर ने उत्तर प्रदेश फॉर्मेसी काउंसिल से जारी प्रमाण पत्र नंबर 59570 को अपना बताया था और बड़हलगंज, कोड़ारी के रहने वाले सोनू गुप्ता ने इसी सर्टिफिकेट पर गंगोत्री मेडिकल हाल के नाम से 29 सितंबर 2015 को लाइसेंस लिया था। कुछ दिनों बाद इलाहाबाद, मेजा रोड के पंडितपुरा निवासी राजेश्वर प्रसाद त्रिपाठी ने फार्मेंसी काउंसिल में शिकायत पर प्रमाण पत्र नंबर 59570 के अपना होने का दावा किया था। जांच में मामला सही निकला।
अधिकारियों के निर्देश पर 10 फरवरी को बड़हलगंज पहुंचकर ड्रग इंस्पेक्टर ने मामले की जांच करने के साथ ही मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निरस्त कर दिया। उनकी शिकायत पर कैंट पुलिस ने सीतापुर के रहने वाले कर्मवीर सिंह पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने का केस दर्ज किया है।