डॉक्टर से पिटने वाला दिव्यांग अजय
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अनुशासन को लेकर मेडिकल कॉलेज की स्थिति दिन-ब-दिन बद से बदतर होती जा रही है। मंगलवार को कॉलेज के आर्थोपेडिक ओपीडी में हुई मारपीट की चर्चा अभी थमी भी नहीं थी कि बुधवार को उसी विभाग में मारपीट का एक और मामला सामने आ गया। ओपीडी के सामने प्लास्टर रूम में ड्यूटी कर रहे जूनियर डॉक्टरों ने एक दिव्यांग मरीज को सिर्फ इसलिए पीट दिया, क्योंकि वह अपनी तकलीफ के बारे में जल्द से जल्द डॉक्टर से जानकारी चाह रहा था।
जिले के उरुवा बाजार के रहने वाले अजय त्रिपाठी का बायां पैर एक साल पहले हुई सड़क दुर्घटना के बाद काट दिया गया था। वह नकली पैर और बैसाखी के सहारे चलते हैं। कुछ दिनों से उन्हें बैसाखी के सहारे चलने में दिक्कत हो रही थी। बुधवार को वह डॉक्टर को दिखाने मेडिकल कॉलेज के आर्थोपेडिक ओपीडी में पहुंच गए। उन्हें जब ओपीडी से जानकारी नहीं मिल सकी तो वे प्लास्टर रूम में चले गए। अजय ने वहां मौजूद जूनियर डॉक्टरों से जानकारी लेनी चाही तो उन्होंने टाल दिया।
अजय ने जब जल्दबाजी की तो डॉक्टरों ने गाली देते हुए उनकी पिटाई कर दी। हालांकि अजय ने इसका विरोध किया, लेकिन डॉक्टर इतने उग्र थे कि उनकी एक न चली। शोर सुनकर वहां लोग इकट्ठा होने लगे तो डॉक्टरों ने अजय को रूम से बाहर कर दिया और चेतावनी दी कि वो यहां फिर नजर न आए। डॉक्टरों के रवैये से आहत दिव्यांग अजय जब शिकायत लेकर एसआईसी कक्ष में पहुंचे तो वहां उन्हें कोई नहीं मिला। कहीं से भी मदद न मिलने पर मेडिकल कॉलेज के इंतजाम को कोसते हुए वह घर चले गए।
बुधवार को मैं छुट्टी पर था, इसलिए मुझे आर्थोपेडिक ओपीडी में हुई मारपीट की जानकारी नहीं है। यदि पीड़ित मरीज बृहस्पतिवार को शिकायत लेकर आता है तो इस मामले में जूनियर डॉक्टरों से पूछताछ की जाएगी। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई भी होगी।
- मेजर डॉ. एमक्यू बेग, एसआईसी, मेडिकल कॉलेज