चोरी के जेवर खरीदने और चोर की निशानदेही पर गहने बरामद होने पर एसीजेएम वाकर शमीम रिजवी ने शहर के घंटाघर के स्वर्ण व्यवसायी चंदा देवी, वीरेंद्र वर्मा और नंदलाल वर्मा को तीन साल की कैद और दस-दस हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से अभियोजन अधिकारी ओम शिव वासुदेव जायसवाल और वसीम लारी ने बताया कि घटना 30 नवंबर 2000 की रात दो से तीन बजे की है। पडरौना निवासी डा. द्वारिका प्रसाद के लड़के की शादी थी।
बारात विजय चौक स्थित एक होटल में रुकी थी। स्वयंवर मैरिज हाउस से शादी होनी थी। होटल के कमरे में जेवरात रखे थे। अभियुक्त नर बहादुर कोइराला ने कूलर के पास लगे प्लाई को हटाकर गहने चोरी कर लिए। विवेचना के दौरान गिरफ्तार नर बहादुर ने कुछ सामान अपने घर से तथा कुछ सामान इन तीनों अभियुक्तों के पास से बरामद कराया।
इन तीनों स्वर्ण व्यवसायियों ने चोरी के जेवर जानते हुए भी उन्हें खरीदा था। कोर्ट में अभियुक्त नर बहादुर ने अपना जुर्म पहले ही स्वीकार कर लिया था।