गोरखपुर-लखनऊ हाईवे पर शहीद बाबा की मजार के पास रविवार अलसुबह कार डिवाइडर की रेलिंग से टकराकर पलट गई। इस हादसे में कार चालक और रेलवे वर्कशॉप में लिपिक के पद पर तैनात जितेंद्र मिश्र की मौत हो गई, जबकि एक महिला समेत दो लोग घायल हो गए। हादसे में मारे गए जितेंद्र की शादी 28 अप्रैल को होने वाली थी। वह अपनी ही शादी का कार्ड देकर लौट रहे थे।
मगहर हाईवे स्थित शहीद बाबा की मजार के निकट एक कार डिवाइडर की रेलिंग से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इससे कार सवार महिला समेत तीन लोग घायल हो गए। सूचना पर गोरखपुर के सहजनवां से पहुंची 108 एंबुलेंस से तीनों को गोरखपुर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चालक ने दम तोड़ दिया। कार में मिले निमंत्रण कार्ड पर गंगा मिश्र के नाम से लिखे मोबाइल नंबर से पूछताछ के बाद मृत कार चालक की पहचान आजमगढ़ के ग्राम चाउको बुजुर्ग, थाना- जीएनपुर निवासी जितेंद्र मिश्र (28) के रूप में हुई
मोबाइल से बातचीत में गंगा मिश्र ने बताया कि उनके भतीजे जितेंद्र मिश्र की 28 अप्रैल को शादी होनी थी। उसी सिलसिले में वे शनिवार को फैजाबाद निमंत्रण कार्ड देने गए थे। हादसे के वक्त वह गोरखपुर लौट रहे थे। कार में भतीजे का एक दोस्त और दोस्त की बहन भी थी। गोरखपुर जिला अस्पताल में भतीजे की मौत हो गई। गंगा मिश्र ने बताया कि भतीजा जितेंद्र रेलवे वर्कशॉप गोरखपुर में लिपिक के पद पर तैनात था। गोरखपुर के शिवपुर शहबाजगंज में भी उनका मकान है। खुशी के माहौल में घर के लोग तिलक और शादी की तैयारी कर रहे थे, लेकिन इस हृदय विदारक घटना से उनके घर मातम छा गया।
बारात की जगह निकली अर्थी
मां-बाप को पहले ही खो चुके जितेंद्र नाथ मिश्र की जिंदगी में शायद खुशियां लिखी ही नहीं थीं। दुख भरा बचपन गुजारने के बाद शादी करके जिंदगी की नई शुरुआत की तैयारी में लगे जितेंद्र की रविवार को सड़क हादसे में मौत हो गई। पिता की जगह रेलवे में नौकरी पाने वाले जितेंद्र का 24 अप्रैल को तिलक होना था और 28 को शादी, मगर नियति को कुछ और ही मंजूर था। खुशी-खुशी अपनी शादी का कार्ड बांटने निकले जितेंद्र की हादसे में दुखद ढंग से मौत हो गई। मौत की खबर से शादी की तैयारियों वाले घर में कोहराम मच गया है। बारात की जगह अर्थी निकली, सबकी आंखें नम थीं।
मूल रूप से आजमगढ़ के ग्राम चाउको बुजुर्ग, थाना- जीएनपुर निवासी महेंद्रनाथ मिश्र रेलवे में नौकरी लगने के बाद गोरखपुर आ गए थे। इनकी दो बेटियां आरती और पूजा के अलावा एक बेटा जितेंद्र नाथ मिश्र था। कुछ ही दिन बाद महेंद्रनाथ की मौत हो गई और मां पर बच्चों का लालन-पालन का जिम्मा आ गया, मगर जितेंद्र की जिंदगी में अभी एक और बड़ा दुख लिखा था। कुछ ही समय बाद ही उनकी मां की भी मौत हो गई। दोनों बहनों की शादी के बाद जितेंद्र घर में अकेले ही रहते थे। उन्हें पिता की जगह नौकरी मिल गई। जितेंद्र की हाल ही में डेयरी कालोनी निवासी रेलवे कर्मचारी की बेटी से शादी तय हुई थी। घर का अकेला होने के कारण जितेंद्र दोस्त के साथ खलीलाबाद रिश्तेदारी में कार्ड बांटने गए थे। रविवार की सुबह खलीलाबाद से लौटते समय कार पलट गई और हादसे में जितेंद्र की मौत हो गई। मौत की खबर पाते ही कोहराम मच गया। देर रात तक उनके शुभचिंतकों का घर पर आना-जाना लगा रहा। राजघाट पर अंतिम संस्कार हुआ। चाचा गंगा मिश्रा ने मुखाग्नि दी।
लड़की के घर भी मचा कोहराम
डेयरी कालोनी निवासी रेल कर्मचारी के घर जिस लड़की की जिंदगी में चंद दिनों बाद खुशियां आतीं, वहां भी जितेंद्र की मौत की खबर के बाद कोहराम मच गया। लड़की के घर में भी शादी की तैयारी तकरीबन पूरी हो चुकी थी। बैंड से लेकर सारी जरूरत के सामान एकत्र किए जा चुके थे। सभी तैयारी में व्यस्त थे कि इसी बीच होने वाले दामाद की मौत की खबर ने उन्हें झकझोर दिया।