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गोरखनाथ मंदिर में युवक ने जहर खाया

Fri, 26 May 2017 01:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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अस्पताल में भर्ती उदय। - फोटो : Amar Ujala
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पुलिस के उत्पीड़न से आजिज एक युवक ने गोरखनाथ मंदिर में जहर खा लिया। मंदिर में युवक के गिरते ही अफरातफरी मच गई। आनन-फानन में उसे पुलिस ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस के सूचना देने पर युवक के घरवाले भी अस्पताल पहुंच गए।
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पीपीगंज के जंगल बिहुली गांव के भगवानपुर सब्जी मंडी टोला निवासी हीरा लाल कन्नौजिया का 21 वर्षीय बेटा उदय कन्नौजिया कैंपियरगंज स्वास्थ्य केंद्र में डाटा आपरेटर था। बापू इंटर कॉलेज में पढ़ाई के दौरान महावनखोर की एक लड़की से उसका प्रेम संबंध हो गया। इसकी जानकारी लड़की के भाइयों को हुई तो उन्होंने 14 अप्रैल को उदय को गोली मार दी। हालांकि वह बच गया। बाद में उदय की तहरीर पर पुलिस ने हत्या की कोशिश का मुकदमा तो दर्ज किया लेकिन कुछ ही घंटे बाद ही लड़की पक्ष की तहरीर पर उदय के खिलाफ छेड़खानी का केस दर्ज कर लिया। इसके बाद से ही उदय परेशान है।

न्याय पाने के लिए उसने अफसरों के यहां प्रार्थना पत्र दिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बुधवार को कैंपियरगंज पुलिस ने मुकदमे के सिलसिले में उसे बुलाकर थाने में बैठा लिया, लेकिन गुरुवार को वह थाने से भागकर शाम छह बजे गोरखनाथ मंदिर पहुंच गया। मंदिर में उसने प्रार्थना पत्र दिया और फिर वहीं जहर खा लिया। युवक के हाथ में शहर की शीशी और उसे गिरता देख मौके पर मौजूद लोग दंग रह गए। उसे तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों का कहना है कि युवक की हालत खतरे से बाहर नहीं है।
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26 को होनी है लड़की की शादी
उदय जिस लड़की से प्यार करता है उसकी शादी 26 मई को है। उदय की मानें तो लड़की की शादी जबरन कराई जा रही है। इसी वजह से उसेे थाने पर बैठाया गया था। उसने आरोप लगाया कि पुलिस ने लड़की पक्ष से उसे चार दिनों तक थाने पर बैठाए रखने के लिए रुपये भी लिए हैं।

पुलिस ने दिलवा दिया इस्तीफा
उदय ने बताया कि उसे गोली मारी गई, लेकिन इस मामले में कार्रवाई के बजाय पुलिस उल्टा उस पर ही फर्जी मुकदमा दर्ज कर दबाव बना रही है। एक बार स्वास्थ्य केंद्र जाते समय लड़की के भाइयों ने उसे घेरकर मारा। वह जब इसकी शिकायत करने थाने गया तो उसे गाली दी गई और इस्तीफा देने का दबाव बनाया गया। पुलिस के दबाव में उसने डाटा आपरेटर पद से इस्तीफा दे दिया।

14 मई को सीएम को दिया था प्रार्थना पत्र
पुलिस के उत्पीड़न से परेशान उदय ने सीएम योगी आदित्यनाथ से भी गुहार लगाई थी। उसने 14 मई को लखनऊ जाकर सीएम योगी आदित्यनाथ को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। इसी प्रार्थना पत्र के बहाने पुलिस ने बुधवार को उसे बुलाकर थाने पर बैठा लिया था।
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