गोरखपुर। गोंडा स्टेशन पर तैनात टीसी (टिकट कलेक्टर) जमुना प्रसाद के स्टेशन व ट्रेन में टिकट बनाने तथा जुर्माने के 14 लाख रुपये गबन करने का मामला पकड़े जाने के बाद पूर्वोत्तर रेलवे ने गोरखपुर, गोंडा और लखनऊ में गोपनीय जांच शुरू करा दी है। तीनों स्टेशनों पर कार्यरत 18 टीसी शक के दायरे में हैं।
इनके दो सालों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। इनकी ओर से वसूली गई रकम और खजाने में जमा की गई राशि का मिलान कराया जा रहा है।
मामले की छानबीन के लिए पांच सदस्यीय टीम बनाई गई है। टीम में शामिल रेलकर्मी तीन-चार दिनों से पड़ताल में जुटे हैं। टीम के सदस्य अप्रैल 2016 से अब तक के रिकार्ड खंगाल रहे हैं। गोरखपुर में पांच, गोंडा में चार और लखनऊ में नौ टीसी की जांच चल रही है।
इनके पीएफ नंबर के आधार पर कब, कितनी राशि जमा कराई गई है, इसका आंकड़ा जुटाने के साथ ही कैश में जमा की गई मनी रिसिप्ट का भी मिलान किया जा रहा है। इसके बाद यात्रियों को दिए जाने वाले ईएफटी (एक्सेस फेयर टिकट) का दूसरी कॉपी सेे भी मिलान होगा।