राजघाट क्षेत्र के घंटाघर में शृंगार प्रसाधन की दुकान चलाने वाले व्यापारी नीरज गुप्ता को फोन कर कुख्यात अमरजीत यादव के नाम पर रंगदारी मांगने के आरोपी सुमित राय को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। 25 मार्च को व्यापारी के मोबाइल फोन पर कॉल कर सुमित ने पांच लाख रंगदारी मांगी थी। पूछताछ में पता चला कि आरोपी व्यापारी का पुराना दोस्त भी रहा है। पकडे़ जाने पर उसने मजाक में फोन करने की बात कही।
पुलिस लाइंस में मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस कर एसपी सिटी विनय कुमार सिंह ने घटना का पर्दाफाश किया। एसपी सिटी ने बताया कि 25 मार्च को व्यापारी के मोबाइल फोन पर एक अंजान नंबर से कॉल आई थी। फोन करने वाले खुद को अमरजीत यादव गैंग का सदस्य बताते हुए पांच लाख रुपये देने को कहा था। घबराए व्यापारी ने पुलिस में शिकायत की थी। दाउदपुर निवासी नीरज की तहरीर पर पुलिस केस दर्ज कर जांच में लगी थी। इसी बीच मुखबिर के जरिए मंगलवार को एक संदिग्ध के होने की सूचना पुलिस को मिली।
पुलिस ने ट्रांसपोर्टनगर चौकी के पास से युवक को पकड़ा। पूछताछ में उसने रंगदारी की बात कबूली। उसके पास से रंगदारी मांगने में इस्तेमाल मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी मिला। कुशीनगर के नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के पिपरा बाजार निवासी आरोपी सुमित राय कैंट के मोहद्दीपुर में किराए का मकान लेकर रहता था। गिरफ्तारी करने वाली टीम में स्वाट प्रभारी सुनील सिंह, राजघाट प्रभारी सत्य प्रकाश सिंह, राजमंगल सिंह, शशिकांत राय, सनातन सिंह, जितेंद्र मौर्या, योगेंद्र पांडेय शामिल थे।