लूट का विरोध करने पर हुई थी महिला की हत्या
- बांसगांव में 29 अगस्त को महिला के परिचित ने ही गला दबाकर उतारा था मौत के घाट
- एसएसपी ने किया घटना का पर्दाफाश, गहने और रुपये हुए बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बांसगांव के बलुआ गोपालपुर में मालती देवी की हत्या उसके ही परिचित कुश सिंह ने की थी। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह लूट की नीयत से मालती के घर में घुसा था लेकिन उसकी आंख खुल गई। मालती ने लूट का विरोध किया तो गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। कुश सोने का लॉकेट, टप्स और तीन हजार रुपये नकद लेकर फरार हुआ था। पुलिस ने सभी गहनों के साथ 22सौ रुपये बरामद कर लिए हैं।
एसएसपी शलभ माथुर ने रविवार को कैंप कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस कर घटना का पर्दाफाश किया। बताया कि 29 अगस्त की रात बलुआ गोपालपुर की मालती की हत्या की जांच के लिए सीओ बांसगांव वीरेंद्र प्रताप सिंह और सीओ क्राइम प्रवीण सिंह के नेतृत्व में टीम लगाई गई थी। बांसगांव थानेदार संतोष कुमार यादव, गगहा थानेदार सत्य प्रकाश सिंह को मुखबिर के जरिये माल्हनपार में एक बदमाश के होने की सूचना मिली। इसे गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने माल्हनपार में दबिश दी और मालती की हत्या के आरोपी कुश को गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी के मुताबिक कुश सिंह का मालती के घर आना-जाना था। 29 अगस्त की रात करीब 8:30 बजे उसने शराब पी और मालती के घर में घुस गया। उसने अलमारी में रखे तीन हजार रुपये निकाले। इसी दौरान मालती जग गई और शोर मचाने लगी। इस पर उसे शांत करने के लिए कुश ने मालती की हत्या कर दी। इसके बाद महिला के गले से लॉकेट, कान का एक जोड़ा टप्स, सफेद मोबाइल और रुपये लेकर भाग निकला।
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काम आई पुलिस की लिलि
पुलिस के डॉग स्क्वॉड की लिलि को भी हत्या के दिन मौके पर ले जाया गया था। उसके अगले दिन ही लिलि आरोपी कुश सिंह के गांव पखनपुर तक पहुंच गई थी। इसके बाद से ही पुलिस ने घेराबंदी की। पहले फरार कुश के सगे-संबंधियों से पूछताछ की गई फिर उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। एसएसपी के मुताबिक पूछताछ में कुश ने अपना जुर्म कबूल किया है।