रचित हॉस्पिटल के कर्मचारियों से छह महीने पहले हुई सात लाख लूट की वारदात शातिर बदमाश चंदन सिंह के गुर्गों ने अंजाम दी थी। शनिवार रात पुलिस ने अमर उजाला तिराहे से एसयूबी सवार चार लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने तीन और लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें दो हॉस्पिटल के ही कर्मचारी हैं और एक पूर्व कर्मचारी। पुलिस ने बिना नंबर की एसयूबी, बुलेट, पिस्टल और पांच लाख 99 हजार रुपये कैश बरामद किए हैं। इन्हीं बदमाशों ने गोरखनाथ इलाके में मुनीम से भी पांच लाख रुपये लूटे थे।
पुलिस लाइंस में एसपी सिटी विनय सिंह ने रविवार को प्रेस कांफ्रेंस कर लूट की दो घटनाओं का पर्दाफाश किया। उन्होंने बताया कि 14 अगस्त 2017 को बाइक सवार दो लुटेरों ने रचित हॉस्पिटल के कर्मचारियों से सात लाख रुपये लूटे थे। शनिवार रात अमर उजाला तिराहे पर सीओ गोरखनाथ, कैंट और स्वाट प्रभारी ने घेराबंदी कर एसयूबी सवार चार लुटेरों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान गगहा के बेलकुर निवासी अविनाश तिवारी (वर्तमान पता- शिवाजी नगर कालोनी दुर्गा चौक खोराबार), गगहा के सोहगौरा निवासी दीपक मिश्र (वर्तमान पता- बेतियाहाता हरिहर प्रसाद दुबे मार्ग), कैंट के खालेटोला रानीडीहा निवासी डॉ. प्रदीप कुमार मिश्र, दीवान बाजार निवासी रामकुमार वर्मा के रूप में हुई। दीपक मिश्र और अविनाश ने रचित हॉस्पिटल के कर्मचारियों से सात लाख और 17 जून को गोरखनाथ में मुनीम से पांच लाख रुपये लूटे थे।
हॉस्पिटल कर्मचारियों ने की थी मुखबिरी
एसपी सिटी ने बताया कि हॉस्पिटल के दो वर्तमान और एक पूर्व कर्मचारी ने लुटेरों के लिए मुखबिरी की थी। गोला के बेवरी गांव निवासी आदर्श कुमार उर्फ अनिल रचित हॉस्पिटल में काम कर चुका है। उसने हॉस्पिटल कर्मचारी बांसगांव के लालपुर बघराई निवासी आनंद कुमार और बहुरीपार निवासी प्रभुनाथ पासवान से संपर्क किया। तीनों ने मिलकर आरोपी दीपक और अविनाश के लिए मुखबिरी की। लूट की वारदात में सभी ने हिस्सा लिया।
राणा प्रताप को तलाश रही पुलिस
कुख्यात चंदन का खास शूटर सहजनवां पाली निवासी राणा प्रताप सिंह उर्फ पिंकू पुलिस के निशाने पर है। पुलिस का दावा है कि लूट की योजना राणा प्रताप सिंह ने बनाई थी। अमर उजाला तिराहे पर घेराबंदी के दौरान वह फरार हो गया। बदायूं जेल में चंदन के बंद होने के बाद गैंग की कमान राणा प्रताप के हाथ में है। लूट, हत्या समेत कई केस उस पर दर्ज हैं।
एक्सरे मशीन, एसयूवी और बुलेट खरीदी
एसपी सिटी ने बताया कि हॉस्पिटल कर्मचारियों को लूटने के बाद दीपक और अविनाश कूड़ाघाट में डॉ. प्रदीप कुमार मिश्र के पैथोलॉजी पर पहुंचे और रकम से भरा बैग उन्हें थमा दिया। लूट की रकम से डॉक्टर ने एक्सरे मशीन समेत अन्य सामान खरीदे, वहीं अविनाश ने एसयूबी और बुलेट ली। पैथोलॉजी से पुलिस ने बैग, हॉस्टिपल के लिफाफे, बैंक की पर्ची, तीन बाइक और दो तमंचे बरामद किए।
ऐसे खुली वारदात
सीओ गोरखनाथ प्रवीण सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले पुलिस ने पिस्टल और बाइक के साथ गोला बेवरी निवासी आदर्श उर्फ अनिल को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने पड़ताल की तो पता चला कि आदर्श हॉस्पिटल कर्मचारी आनंद और प्रभुनाथ के संपर्क में है। पुलिस का माथा ठनका और तीनों पर पहरा लगा दिया। धीरे-धीरे पुलिस ने सभी लुटेरों को खोज निकाला।
20 से अधिक लूट कर चुका है दीपक
चंदन सिंह के साथ जरायम की दुनिया में कदम रखने वाला दीपक मिश्र बीस से अधिक लूट की वारदात अंजाम दे चुका है। सूत्रों का कहना है कि रचित हॉस्पिटल के कर्मचारियों से बीस लाख रुपये से अधिक की लूट हुई थी। दीपक ने इसकी रेकी की थी। एसपी सिटी ने बताया कि गोला में सराफ से हुई लूट में चंदन सिंह के साथ दीपक भी था। सराफ से पचास लाख के गहने लूटे गए थे, जिसे दीवान बाजार निवासी रामकुमार वर्मा ने खरीदा था। एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने खुलासा करने वाली टीम को दस हजार रुपये का इनाम दिया है।