15 जून तक सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के आदेश के बाद मुख्य अभियंता कार्यालय से गोरखपुर-बस्ती मंडल की 10,017 किलोमीटर लंबी सड़क का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। इस पर 515 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इससे सड़कों की सामान्य मरम्मत, विशेष मरम्मत व पैच मरम्मत का कार्य कराया जाएगा।
सड़कों को हर हाल में 15 जून तक गड्ढा मुक्त करने के सीएम के फरमान के बाद लोक निर्माण विभाग हरकत में आ गया है। मुख्य अभियंता ने जोन के सभी अधिशासी अभियंताओं से सड़कों की स्थिति की रिपोर्ट मंगाकर शासन को प्रस्ताव भेज दिया है। प्रस्तावित सड़कों की लंबाई 10017.53 किलोमीटर है। इस पर कुल लागत का अनुमान 514.84 करोड़ है। सोमवार को प्रमुख सचिव लोक निर्माण एवं मुख्य, अधीक्षण, अधिशासी की बैठक लखनऊ में हुई थी, जिसमें कहा गया कि हर हाल में 15 जून तक सड़कों को गड्डा मुक्त कराया जाए। शासन से धन की कमी नहीं होने पाएगी। जिन सड़कों की मरम्मत होनी है उनकी तीन कटेगरी है।
सामान्य मरम्मत का कार्य
सामान्य मरम्मत में वे सड़कें आती हैं, जिनके ऊपरी सतह से गिट्टी जगह-जगह उखड़ जाती है। सड़क पर छोटे-छोटे गड्ढे हो जाते हैं। यदि उनकी मरम्मत नहीं की गई तो बरसात में उन पर बड़े बड़े गड्ढे हो जाएंगे। इन पर छोटी गट्टी डालकर मरम्मत की जाती है। इस तरह की सड़क की लंबाई 3623.4 किलोमीटर है। इसके निर्माण की लागत 318.71 करोड़ रुपये आने का अनुमान है।
विशेष मरम्मत
विशेष मरम्मत के लिए जो प्रस्ताव भेजा गया है, उसमें उन सड़कों को शामिल किया जाता है जिन पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए जाते हैं। सड़क यदि लंबाई में धस गई हो या अत्यधिक खराब हो गई हो, उसकी विशेष मरम्मत की जाती है। इसके लिए गड्डों में पत्थर और गिट्टी डालकर सड़क ठीक की जाती है। इस तरह की 1324.46 किलोमीटर लंबी सड़क की मरम्मत में 159.18 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है।
पैच मरम्मत
सड़क पर कहीं-कहीं गड्डे हो जाते हैं। उसकी पैच मरम्मत की जाती है। इसके लिए गड्ढों को साफ कर पत्थर भर दिया जाता है। ऊपर से तारकोल गिराकर मरम्मत की जाती है। इस तरह की सड़कों की लंबाई 5069.71 किलोमीटर है। इसकी लागत 36.94 करोड़ रुपये आएगी।