सिविल लाइंस इलाके में जेके पैलेस होटल के निकट निर्माणाधीन इमारत ढहने से छह मजदूरों की मौत के मामले में मुख्य आरोपी मोहम्मद शमीम को आखिरकार हाईकोर्ट से जारी आदेश पर दस साल बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उसे मंगलवार को दुबई से आने पर लखनऊ में एयरपोर्ट पर रोक लिया गया। खबर पाकर सिविल लाइंस थाने की पुलिस ने लखनऊ जाकर उसे कस्टडी में लिया और इलाहाबाद ले आई। उसे बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
जनवरी 2007 में ताशकंद मार्ग स्थित निर्माणाधीन भवन का ऊपरी हिस्सा भोर में ढह गया था। सो रहे एक दर्जन मजदूर मलबे में दब गए। मौके पर तत्कालीन डीएम और एसएसपी पुलिस बल के साथ पहुंचे। एडीए तथा नगर निगम की जेसीबी से मलबा हटवाया। मलबे में छह मजदूरों की लाश मिली थी। कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए थे। बाद में प्रशासन ने पूरा भवन गिरवा दिया। भवन निर्माता करेली निवासी मोहम्मद शमीम को लापरवाही का दोषी पाया गया था।
उसके खिलाफ सिविल लाइंस थाने में केस लिखा गया था। शमीम घटना के बाद ही फरार हो गया था। सिविल लाइंस थाना प्रभारी मनोज तिवारी के मुताबिक, हाईकोर्ट ने उसकी गिरफ्तारी का आदेश दिया था। पुलिस ने शमीम के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया था ताकि वह भारत के किसी भी एयरपोर्ट पर पहुंचे तो उसे रोक लिया जाए। मंगलवार को वह दुबई से विमान के जरिए लखनऊ आया तो लुक आउट नोटिस के अलर्ट के चलते उसे एयरपोर्ट पर हिरासत में लेकर इलाहाबाद पुलिस को सूचना दी गई। सीओ डीपी तिवारी के अनुसार, सिविल लाइंस पुलिस ने लखनऊ जाकर शमीम को अपनी कस्टडी में लिया। उसे अदालत में पेश किया जाएगा।