फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सोशल मीडिया के अपडेट से ही पुलिस को मिली थी लोकेशन

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
गोरखपुर।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज कांड के मुख्य आरोपियों में से एक डॉ. कफील खान पुलिस को चकमा देकर जहां खुद की गिरफ्तारी बचा रहे थे, वहीं इस बीच अपने बचाव में भूमिगत रहकर कर जो कवायद कर रहे थे, वही पुलिस के उन तक पहुंचने का जरिया बन गई। दरअसल डॉ. कफील सोशल मीडिया पर लिखा-पढ़त और वीडियो लोडिंग से खुद को बीआरडी कांड में बेगुनाह साबित करने में लगे थे। फोन बंद रहने से पुलिस कॉल के जरिए उनकी लोकेशन नहीं जान सकी लेकिन सोशल मीडिया पर सक्रियता के लिए नेट चालू रखने से पुलिस उनकी लोकेशन ट्रेस करने में कामयाब हो गई।
विज्ञापन

डॉ. कफील के गिरफ्तारी को लगाई गई टीम में शामिल एक पुलिस वाले ने बताया कि भूमिगत होने के शुरुआती दिनों में कफील ने अपना मोबाइल फोन चालू रखा था लेकिन केस दर्ज होने के बाद से फोन स्विच ऑफ हो गया। इस बीच खुद को बेगुनाह बताने के लिए वह वीडियो और सोशल मीडिया पर अपडेट में लगे रहे। ऐसा देख पुलिस ने एक्सपर्ट की मदद ली और डॉ. कफील की लोकेशन जानने की कोशिश शुरू की। मिलने वाली लोकेशन तक टीमें पहुंचीं भी लेकिन वह जगह बदलते रहे। लखनऊ के विकासनगर में लोकेशन मिलने पर पुलिस डॉक्टर के रिश्तेदार के घर पहुंची लेकिन वह भाग निकले। यहां से मिले सुराग के जरिए पुलिस व एसटीएफ ने लखनऊ से गोरखपुर के सड़क के सफर के बीच सहजनवां के पास से गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें