गोरखपुर। सबसे महफूज माने जाने वाले कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सब रजिस्ट्रार फर्स्ट और सेकेंड के दफ्तर में चोरों ने गुरुवार की पूरी रात उत्पात मचाया। उन्होंने दोनों दफ्तरों के सभी दराज और आलमारियां खंगालने के साथ ही बैनामों की फाइलें भी फर्श पर बिखेर डाली। हालांकि दफ्तर में पड़ी 5 लाख रुपये से अधिक की रकम चोरों के हाथ नहीं लगी। ये रुपये अलग-अलग दो तिजोरी में रखे गए थे, जिसे चोरों ने तोड़ने का प्रयास तो किया मगर सफल नहीं हुए। सूचना मिलते ही पुलिस के साथ ही फोरेंसिक विभाग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर घंटों जांच की। दोनों दफ्तरों के सब रजिस्ट्रार की संयुक्त तहरीर पर कैंट थाने में चोरी का मुकदमा दर्ज हुआ है।
डीआईजी स्टांप रामानंद सिंह के मुताबिक चोरी की जानकारी शुक्रवार की सुबह 9.30 बजे तब लगी जबकर्मचारी कार्यालय पहुंचे। फोन से उन्हें जैसे ही घटना की जानकारी हुई उन्होंने तत्काल कमिश्नर अनिल कुमार को जानकारी देने के साथ ही कैंट पुलिस को भी सूचना दी। उन्होंने डीएम को फोन किया, मगर बात नहीं हो सकी। डीआईजी स्टांप ने बताया कि सब रजिस्ट्रार प्रथम के दफ्तर में बैनामों की फीस के तौर पर 1.51 लाख रुपये और सब रजिस्ट्रार द्वितीय के दफ्तर में 3.90 लाख रुपये रखे थे जो बच गए। ये रुपये तिजोरी में रखे गए थे जिसे चोर तोड़ने में सफल नहीं हो सके। यही नहीं, अभी तक की तफ्तीश में दफ्तर से कोई भी सामान गायब होना नहीं पाया गया। सभी बैनामे कंप्यूटर पर होते हैं लिहाजा अगर कोई फाइल भी गायब हुई होगी तो वह मिल जाएगी।
बिल्डिंग में चढ़कर दाखिल हुए थे चोर
गोरखपुर। रजिस्ट्री दफ्तर के मुख्य शटर का ताला न टूटने से यह आशंका जताई जा रही है कि चोर रजिस्ट्री दफ्तर के सामने से रस्सी के सहारे चढ़कर प्रथम तल पर स्थित दोनों सब रजिस्ट्रार के कार्यालय में दाखिल हुए होंगे। चोरों ने सब रजिस्ट्रार प्रथम के कार्यालय के दरवाजे का ताला काटा था, जबकि सब रजिस्ट्रार द्वितीय के कार्यालय का ताला खोलकर दाखिल हुए थे। मौके पर चाभी के गुच्छे और पेचकस समेत कई उपकरण भी मिले।
गैस कटर होता तो उड़ा ले जाते रुपये
गोरखपुर। चोरों के पास गैस कटर रहता तो वे रजिस्ट्री दफ्तर में रखे 5.40 लाख रुपये उड़ा ले जाते। रजिस्ट्री दफ्तर के कर्मचारियों के मुताबिक तिजोरी को खोला नहीं जा सकता है। सिर्फ गैस कटर से उसे काटा जा सकता। गनीमत रही कि चोरों के पास गैस कटर नहीं था। उन्होंने तिजोरी उठा ले जाने का भी बहुत प्रयास किया मगर दोनों तिजोरी का वजन ढाई से तीन क्विंटल का होने से वह इस प्रयास में भी सफल नहीं हुए।
कलेक्ट्रेट भी नहीं रहा सुरक्षित
गोरखपुर। प्रशासन और पुलिस के आला अफसरों के कार्यालय वाला कलेक्ट्रेट भी अब सुरक्षित नहीं रहा। जिस रजिस्ट्री दफ्तर में चोरी की यह घटना हुई वह डीएम और एसएसपी कार्यालय से महज 50 मीटर की दूरी पर है। वहां रात को सुरक्षाकर्मी भी मौजूद रहते हैं। बावजूद इसके इस घटना को अंजाम देने वाले चोरों के दुस्साहस से सिर्फ रजिस्ट्री कार्यालय ही नहीं बल्कि पुलिस और कलेक्ट्रेट के सभी अफसर, कर्मचारी भी हैरान हैं। पूरे कलेक्ट्रेट में यह चर्चा आम रही कि चोरों ने पुलिस के इक बाल को चुनौती दी है।