गोरखपुर। सिकरीगंज के बारीगांव से अपहृत सातवीं के छात्र आदर्श (12) की हत्या करके शव छिपाने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल डंडे को बरामद कर लिया गया है। पुलिस को मुख्य आरोपी मुकेश ने बताया कि कर्ज की भरपाई के लिए फिरौती वसूलना चाह रहा था। छात्र की शर्ट के साथ ही उसके पिता को पत्र भेजकर फिरौती मांगने की तैयारी में थे। उसके पहले ही गांव में पुलिस पहुंच गई थी, जिसकी वजह से भागना पड़ा था।
एसएसपी शलभ माथुर ने पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस कर घटना का पर्दाफाश किया। उन्होंने बताया कि खेत में छात्र का शव पाए जाने के बाद पुलिस टीम ने आरोपियाें की तलाश तेज कर दी थी। पता चला था कि छात्र आखिरी बार मुकेश पांडेय और गौतम पांडेय के साथ दिखा था। आरोपियों पर 15-15 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया। सिकरीगंज एसओ दिनेश कुमार मिश्र को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी पिपरी तिराहा के पास खड़े हैं। पुलिस पहुंची और दोनों गिरफ्तार कर लिए गए। मुकेश पांडेय ने बताया कि वह बुआ चांदमती देवी के घर पर रहता था। बिहार, गोपालगंज में कई लोगों से शौचालय निर्माण कराने के लिए रकम लेने के कारण वह कर्ज में था। इसी लिए बुआ के घर पर रहता था। वहीं उसकी आदर्श से दोस्ती हो गई थी। चार अक्तूबर को मोबाइल फोन दिखाने के बहाने छात्र को खेत में लाया और फिर दोस्त गौतम की मदद से उसकी हत्या कर दी। गौतम मझौरा, धनघटा, संतकबीरनगर का रहने वाला है। एसपी साउथ विपुल श्रीवास्तव की पूरी घटना के पर्दाफाश में अहम भूमिका रही। वह लगातार पुलिस टीम के कार्यों की मानीटरिंग कर रहे थे।
पुलिस की सतर्कता से नाकाम हो गई थी योजना
गांव से छात्र के साथ ही दोनों आरोपियों को गांववालों ने देखा था। अचानक गांव से तीन लोगों के लापता होने की सूचना पर पुलिस सक्रिय हो गई थी और गांव में पहुंच गई थी। उसी दौरान आरोपियों ने छात्र की हत्या तो कर दी थी, लेकिन शव को छिपा नहीं पाए थे। शव को गड्ढा में दबाने के लिए सोचा था।