फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ब्लॉक प्रमुख प्रिंस अगम गिरफ्तार, कारबाइन बरामद

Sat, 25 Aug 2018 02:04 AM IST
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
विज्ञापन
गिरफ्तार
विज्ञापन
गोरखपुर। कमिश्नर आवास के पास फायरिंग कर पांच लोगों को घायल करने के मुख्य आरोपी और संतकबीर नगर के हैसर ब्लॉक प्रमुख प्रिंस अगम सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार लिया है। आरोपी के पास से कारबाइन, नाइन एमएम पिस्टल, प्रतिबंधित कारतूस बरामद किए गए है। प्रिंस पूर्व विधायक राजेंद्र उर्फ पहलवान सिंह का बेटा है। फरार तीन अन्य आरोपियों पर एसएसपी शलभ माथुर ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
विज्ञापन



पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस कर एसएसपी ने बताया कि 23 अगस्त की रात बेतियाहाता में फायरिंग हुई थी, जिसमें पांच लोग घायल हो गए। पीड़ित पक्ष की ओर से रमन सिंह की तहरीर पर पुलिस ने नामजद केस दर्ज किया था। एसपी सिटी विनय कुमार सिंह, एसपी क्राइम आलोक शर्मा, सीओ कैंट प्रभात राय को मुखबिर से सूचना मिली कि एक कार में प्रतिबंधित असलहों के साथ कुछ संदिग्ध लोग आ रहे हैं।

पुलिस ने नौका विहार के पास चेकिंग शुरू कर दी। तभी बिना रजिस्ट्रेशन नंबर की कार दिखी। पुलिस के रोकने पर चालक कार से भागने लगा। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। कार से कारबाइन, पिस्टल, प्रतिबंधित बोर के कारतूस मिले। पकड़े गए युवक की पहचान ब्लॉक प्रमुख प्रिंस अगम सिंह के रूप में हुई।
विज्ञापन

गिरफ्तारी करने वाली टीम में कैंट इंस्पेक्टर चंद्रभान सिंह, स्वॉट प्रभारी सत्य प्रकाश सिंह, प्रभारी सर्विलांस सेल राजेंद्र सिंह, अशोक कुमार दुबे, श्याममोहन, अंजनी कुमार यादव, धीरेंद्र राय, सिपाही विपेंद्र मल्ल, राजमंगल सिंह शामिल थे।
---

तीन पर 25-25 हजार का इनाम

एसएसपी ने बताया कि गोलीकांड के आरोपी सूरज सिंह, अनिल शर्मा, राहुल शर्मा फरार हैं। इन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया है। इनकी गिरफ्तारी को विशेष टीमें लगा दी गई हैं। जल्द ही ये भी पकड़े जाएंगे।

रंगदारी नहीं, विवाद में मारी थी गोली

एसएसपी ने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि फायरिंग की घटना रंगदारी में नहीं, बल्कि आपसी रंजिश में हुई थी। प्रिंस अगम सिंह मार्च 2018 से संजीवनी हास्पिटल को और रमन सिंह सर्वोदय हास्पिटल को संचालित कर रहे हैं। बिहार से लेकर नेपाल तक के मरीजों को बहलाकर अपने-अपने के अस्पताल में लाने की कोशिश की वजह से दोनों के बीच विवाद हुआ। पल्स क्लीनिक की देखरेख भी रमन के जिम्मे है। इन लोगों के बीच कपंचायत भी हुई थी। बात न बनी तो गोलियां चलाई गईं।

जिला बदर हो चुका है रमन

केस दर्ज कराने वाले रमन सिंह पर भी 12 मुकदमे दर्ज हैं। एसएसपी ने बताया कि उस पर जिला बदर की कार्रवाई भी की गई थी। उस पर रंगदारी मांगने का भी केस दर्ज है। क्लीनिक के रजिस्ट्रेशन आदि बिंदु की जांच संबंधित विभाग की ओर से की जा रही है।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें