गोरखपुर। चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश के दौरान बांसगांव के राजेंद्र गुप्ता (51 वर्ष) की जान चली गई। देर से स्टेशन पहुंचे राजेंद्र गोरखधाम एक्सप्रेस में दौड़कर चढ़ रहे थे तभी उनका पैर फिसल गया और ट्रेन की चपेट में आ गए। यात्रियों ने तत्काल चेन पुलिंग कर ट्रेन रोक दी। गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना शुक्रवार की शाम 4.35 बजे की है। हिसार जाने वाली गोरखधाम एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म दो पर अभी चली ही थी कि एक बैग लिए राजेंद्र पुत्र चुन्नीलाल स्लीपर कोच में चढ़ने के लिए दौड़ पड़े। आरपीएफ ने मना भी किया लेकिन वे नहीं माने। कोच की सीढ़ियों पर उनका पैर फिसल गया और वे रेलवे ट्रैक पर गिर पड़े। प्लेटफॉर्म पर मौजूद ने लोगों ने शोर मचाया तो यात्रियों ने चेन पुलिंग की। ट्रेन रुकने पर आरपीएफ ने एक कुली की मदद से राजेंद्र को पटरी से बाहर निकलवाया। मौके पर पहुंचे डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। तलाशी में राजेंद्र की जेब से कागजात मिले। डिप्टी एसएस कामर्शियल ने बताया कि राजेंद्र के घरवाले दिल्ली रहते हैं। उनके पास डायरी में लिखे बेटे और भाई के मोबाइल नंबर पर सूचना दे दी गई है। शनिवार की सुबह उनका परिवार पहुंच जाएगा।
एस 5 में रिजर्व थी बर्थ
राजेंद्र ने दिल्ली जाने के लिए गोरखधाम एक्सप्रेस टिकट बुक करा रखा था। एस 5 में 64 नंबर बर्थ उन्हें आवंटित थी। अपने गांव में घर बनवाने आए थे। राजेंद्र दिल्ली में दुकान लगाते हैं।
घर में छाया मातम, पत्नी बेसुध
राजेंद्र की मौत की सूचना पाकर उनके गांव में मातम छा गया। उधर, दिल्ली में पत्नी बेसुध हो गईं। भाई रवींद्र ने बताया कि निजी साधन से सभी लोग गोरखपुर के लिए रवाना हो गए हैं। राजेंद्र दो महीने पहले गांव आए थे। वे तीन बेटे सूरज, विकास, आकाश, बेटी अंजनी, पत्नी मीरा एवं मां कलावती देवी के साथ रहते थे।
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