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जुर्माने के अभाव में महिला की फंस सकती है रिहाई

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16 हजार रुपए के अभाव में बीमार महिला कैदी नहीं रिहा हो पाएगी जेल से
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गोरखपुर। स्वतंत्रता दिवस के दिन मंडलीय कारागार से रिहा होने वाले कैदियों में महिला का जुर्माना भरने वाले नहीं मिल पाए हैं। मंगलवार को जेल प्रशासन ने छह कैदियों के लिए जुर्माना भरने वालों को खोजकर उनके जुर्माने की राशि भरवा ली, लेकिन दुष्कर्म की साजिश के आरोप में दस साल की सजा काट चुकी कुशीनगर के खड्डा निवासी रानी वर्मा के लिए 16 हजार जुर्माना भरने वाले अब तक नहीं मिल सके।
रीना 10 जुलाई 2019 से जुर्माना न भर पाने से अतिरिक्त सजा काट रही है। वह बीमार है। उसके परिजन गरीबी के कारण जुर्माना नहीं भर पा रहे हैं। हालांकि जेल प्रशासन के पास बुधवार तक का समय है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ रामधनी ने लोगों से अपील की है कि जो भी इच्छुक हो वह जेल जाकर जुर्माना भर सकता है। गोरखपुर मंडलीय कारागार से रिहा होने वाले कैदियों में कुशीनगर के खड्डा निवासी ओमप्रकाश की पत्नी रानी वर्मा, देवरिया के गौरीबाजार निवासी योगेंद्र गुप्ता, बेलीपार के जुड़ापार निवासी फरेंद्र निषाद, देवरिया के मदनपुर निवासी अभिषेक कुमार सिंह, तिवारीपुर के गुलाब मुस्तफा, गोंडा के बेलिया निवासी दिनेश तिवारी और तिवारीपुर निवासी आशीष पासवान शामिल हैं।
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रिहा होने वालों पर कितना है जुर्माना
योगेंद्र को आरपीएफ कोर्ट से सात हजार के जुर्माने की सजा 10 जुलाई 2019 को हुई थी। जुर्माना न भर पाने से वह जेल में है। रानी को 24 नवंबर 2014 को दस वर्ष की सजा हुई थी। 16 हजार रुपये जुर्माना न भर पाने के कारण वह 25 जुलाई 2019 से जेल में अतिरिक्त सजा काट रही है। फरेंद्र पांच सौ रुपये जुर्माना न भर पाने के कारण 5 अगस्त 2019 से, अभिषेक सिंह एक हजार जुर्माना न दे पाने पर 6 अगस्त 2019 से, गुलाब मुस्तफा दो हजार जुर्माना न भर पाने में तीन अगस्त 2019 से, दिनेश तिवारी 9500 रुपये जुर्माना न भर पाने और आशीष पांच हजार जुर्माना न भर पाने से अतिरिक्त सजा काट रहे हैं। योगेंद्र का जुर्माना राजेश मणि त्रिपाठी, अभिषेक कुमार सिंह और गुलाब मुस्तफा का एशियन सहयोगी संस्था, आशीष पासवान का प्रमोद निषाद और दिनेश तिवारी का जुर्माना प्रमोद नथानी भरेंगे।
यदि आप में जज्बा है, मदद का तो डायल करें-रामधनी सिंह, जेल अधीक्षक-9454418290
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