मंडी का निरीक्षण करते सदर सांसद महंत आदित्यनाथ।
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तीन दिनों में रुई मंडी के दो बार आग की चपेट में आने से नाराज व्यापारियों ने विरोध स्वरूप शुक्रवार को दुकानें बंद रखीं। उनकी मांग है कि यहां की दुकानों को बंद पड़े दुग्ध मंडी में शिफ्ट कर दिया जाए, ताकि आग लगने की घटना से राहत मिले। इस दौरान सदर सांसद महंत आदित्यनाथ भी नाराज व्यापारियों के बीच पहुंचे और सिटी मजिस्ट्रेट, मंडी सचिव को बात कर हल निकालने का आदेश दिया। मंडी प्रशासन ने व्यापारियों को मंडी शिफ्ट करने का आश्वासन दिया है।
मंगलवार की रात रुई मंडी की एक गोदाम में आग लग गई थी। किसी तरह आग पर काबू पाया गया तो बृहस्पतिवार की रात एक बार फिर आग लग गई। गल्ला व्यापारी भी इसकी चपेट में आ गए। इससे नाराज होकर व्यापारियों ने शुक्रवार को दुकानें बंद कर दीं और मंडी परिषद पर दबाव बनाने के लिए बैठक की।
सूचना पर पहुंचे सदर सांसद ने सिटी मजिस्ट्रेट और मंडी सचिव को व्यापारियों से बातकर हल निकालने का आदेश दिया है। सदर सांसद ने कहा कि व्यापारियों का उत्पीड़न और उपेक्षा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंडी समिति एक समय सीमा में सभी व्यापारियों की समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने कहा कि मंडी समिति प्रति वर्ष 25 से 30 करोड़ रुपये टैक्स के रूप में प्राप्त करती है बावजूद व्यापारियों को कोई सुविधा और सुरक्षा प्रदान नहीं करती।
उन्होंने कहा कि जिस दिन व्यापारी मंडी शुल्क देना बंद कर देगा, उस दिन लोग इसका अनुमान लगा सकते हैं। यह आश्चर्यजनक है कि पिछले तीन दिन में दो अग्निकांड की घटना नवीन गल्ला मंडी में हुई। इस दौरान वरिष्ठ नेता विपिन सिंह, मुरारी लाल अग्रवाल, पंकज कसौधन, रमेश गुप्ता, राकेश गुप्ता, प्रमोद अग्रवाल, गजेन्द्र सहानी, सीताराम, विजय कुमार आदि उपस्थित थे।