बारिश ने खोली भ्रष्टाचार की परतें
गोरखपुर। कायदे की पहली ही बारिश ने विभिन्न विभागों की कई परियोजनाओं में भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया। इनमें कई अभी निर्माणाधीन हैं तो कुछ को पूरा हुए दो-तीन महीने ही हुआ होगा। ऐसा भी नहीं कि ये भ्रष्टाचार पहली बार सामने आया है। जीडीए की एक आवासीय योजना की खराब गुणवत्ता को लेकर आवंटी दो साल से संघर्ष कर रहे हैं। नालों के घटिया निर्माण का मामला संबंधित वार्ड की जनता के साथ ही पार्षद भी उठा चुके हैं। गंभीर तो यह कि जवाबदेही तय करने की जगह, जिम्मेदार भी अब मामले की लीपापोती में जुट गए हैं।
आवंटियों के गृहप्रवेश से पहले गिर गई बाउंड्रीवाल
गोरखपुर। लोहिया एन्क्लेव के चार सौ से अधिक आवंटी अभी अपने फ्लैट में दाखिल भी नहीं हो सके कि बुधवार की सुबह उनके कॉलोनी की सुरक्षा के लिए बनी तीन तरफ की बाउंड्रीवाल कई जगहों पर गिर गई। यही नहीं ऊपर के कुछ फ्लैट की छतें टपक रही हैं, तो कुछ में दरवाजों, खिड़की के रास्ते पानी जा रहा है। 2015 में शुरू हुई इस परियोजना को दो साल में पूरा करना था। अप्रैल 2017 में सभी 436 आवंटियों को कब्जा दिया जाना था। जिसे जीडीए अभी तक नहीं दिला सका। फ्लैटों की गुणवत्ता को लेकर आवंटी पिछले दो साल से आंदोलनरत हैं। जीडीए के अध्यक्ष व पूर्व कमिश्नर अमित गुप्ता और नगर विधायक डॉ राधा मोहन दास अग्रवाल भी अलग-अलग निरीक्षण में मान चुके हैं कि निर्माण की गुणवत्ता घटिया है। कमिश्नर ने तो आईटी रुड़की से मामले की जांच कराने का भी निर्देश दिया था।
शुरू होने से पहले गिर गया फड़सहिया नाला
गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने 2017 में एसबीआई प्रशासनिक कार्यालय से तारामंडल बाईपास तिराहा, जीडीए दफ्तर, भगत चौराहा होते हुए फड़सहिया नाला तक सात किलोमीटर लंबे सीसी नाले का निर्माण शुरू किया था। प्राधिकरण का दावा था कि इससे जीडीए के करीब 15 मोहल्लों समेत नगर निगम के भी कुछ मोहल्लोें में जलभराव से राहत मिलेगी। सुस्त चाल से शुरु हुआ नाले का निर्माण अभी जल्द ही पूरा हुआ था कि मंगलवार की आधी रात लोहिया कॉलोनी के पास कई जगह नाले की कंक्रीट की पूरी दीवार ही गिर गई। इस नाले के निर्माण पर करीब चार करोड़ रुपये खर्च हुए थे। अभी नाला लोगों को राहत तो नहीं दे सका, अलबत्ता जीडीए के लिए मुसीबत जरूर बन गया। यहीं नही, भगत चौराहे के पास निर्माण के दौरान ठेकेदार ने मिट्टी खोदकर बाहर निकाला मगर निर्माण पूरा होने के बाद गड्ढे में उसे भरा नहीं जिससे रोजाना कोई न कोई गड्ढे में गिरकर चुटहिल हो जाता है।
साल भर पहले हुई मरम्मत, गिर गई नाले की दीवार
बारिश ने नगर निगम के कार्यों की गुणवत्ता की भी पोल खोल दी है। पैडलेगंज से छात्रसंघ तक बना नाला ईसाई कब्रिस्तान के पास 20 मीटर तक गिर गया जिसकी वजह से सपा शासन में बना साइकिल ट्रैक भी ध्वस्त हो गया। इस नाले का निर्माण पांच साल पहले हुआ था। साल भर पहले ही इसके एक हिस्से के टूटने पर उसकी मरम्मत हुई थी। बिलंदपुर सिविल लाइंस के पार्षद देवेंद्र सिंह गौड़ की सूचना पर नगर विधायक डॉ आरएमडी अग्रवाल ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान निगम के अभियंता अवनीश भारती भी मौजूद रहे। नगर विधायक ने इस संबंध में फोन पर मुख्य अभियंता सुरेश चंद्र से बात की। उन्होंने बताया कि वह शहर से बाहर हैं। इसपर नगर विधायक ने निर्देश दिया कि वे जैसे ही वापस शहर लौटते हैं। इस नाले के रखरखाव पर पांच साल में हुए खर्च का पूरा ब्यौरा उन्हें उपलब्ध कराएंगे। विधायक ने कहा कि दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।