सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, पीपीगंज में गुरुवार को सिक्के जमा कराने पहुंचे व्यापारी रवि सिंह से दुर्व्यवहार किया गया। पहले बैंक प्रबंधन ने सिक्के लेने से इंकार कर दिया लेकिन व्यापारी ने आरबीआई के नियमों का हवाला देकर सिक्के जमा कराने की जिद की। आरोप है कि इससे शाखा प्रबंधक भड़क गए। उन्होंने सिक्के तो जमा कराए लेकिन व्यापारी को घंटों बैठाए रखा। बाद में व्यापारी से सिक्कों का कारोबार न करने का पत्र लिखवाया, जिसे व्यापारी ने अपना अपमान बताया है। मामले की सूचना पाकर व्यापार मंडल के कई पदाधिकारी बैंक पहुंच गए। इसके बाद शाखा प्रबंधक बैकफुट पर आए।
साहबगंज निवासी रवि सिंह गुरुवार को सुबह 11 बजे 1-1 रुपये के एक हजार मूल्य के सिक्के जमा कराने सेंट्रल बैंक की पीपीगंज शाखा पहुंचे। जमा पर्ची भरी और काउंटर पर गए। पर्ची देखते ही बैंककर्मी ने सिक्के जमा करने में असमर्थता जताई। मामला शाखा प्रबंधक राहुल चतुर्वेदी तक पहुंचा तो भी मामला नहीं सुलझ सका।
सिक्के जमा कराने के मामले में कहासुनी हुई लेकिन व्यापारी सिक्के जमा कराने पर अड़े रहे। व्यापारी का आरोप है कि सिक्के जमा कराने से पहले शाखा प्रबंधक ने दुर्व्यवहार किया। शाखा प्रबंधक ने पहले सिक्के जमा कराए और कहा कि इसे दूसरे ग्राहकों को भी देंगे। जब तक सिक्के नहीं बंट जाएंगे, तब तक आपको (व्यापारी) को बैंक में बैठना पड़ेगा। खुन्नस में कई ग्राहकों को 100 रुपये मूल्य के एक-एक के सिक्के भी दिए गए।
करीब दो बजे तक बैंक में बैठाए रखा गया। व्यापारी का आरोप है कि शाखा प्रबंधक ने दुर्व्यवहार किया और उनसे कहा कि प्रार्थना पत्र दो कि मैं सिक्के का कारोबार नहीं करता हूं। तुम्हारे पास इतने सिक्के कहां से आए, रोजाना कितने सिक्के जमा कराते हो, इस पर व्यापारी ने कहा कि साहब! व्यापारी के साथ आपका ग्राहक हूं, फिर भी अपराधी जैसा व्यवहार कर रहे हैं।
इस सिलसिले में शाखा प्रबंधक राहुल चतुर्वेदी से मोबाइल फोन पर बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनका फोन नहीं उठा। बात करने का मैसेज भी डाला गया, फिर भी संपर्क नहीं हुआ। शाखा प्रबंधक का जब भी कोई पक्ष आएगा, उसे प्रकाशित किया जाएगा।
मुंडेरा बाजार में निराश लौटा व्यापारी
मुंडेरा बाजार स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में एक-एक रुपये के एक हजार मूल्य के सिक्के जमा कराने गए व्यापारी संजू वर्मा को निराशा मिली। बैंक कर्मियों ने कहा कि शाखा प्रबंधक अवकाश पर हैं। उनके आने के बाद ही सिक्के जमा कराए जाएंगे। व्यापारी ने नियमों का हवाला भी दिया लेकिन सिक्के जमा कराए बगैर ही लौटना पड़ा।
पूरे मामले की जानकारी लेंगे, फिर आगे की कार्रवाई करेंगे। आरबीआई की नियमावली के हिसाब से सिक्के जमा कराए जा रहे हैं। इसपर किसी तरह की रोकटोक नहीं है-
एलबी झा, क्षेत्रीय प्रबंधक सेंट्रल बैंक