फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोरखपुर: खंडित बुद्ध की मूर्ति प्रकरण की जांच कराएगी नेपाल सरकार

Fri, 19 Jul 2019 01:37 AM IST
Abhishek Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, सिद्धार्थनगर, (गोरखपुर)
विज्ञापन
गौतम बुद्ध - फोटो : Social Media (File Photo)
विज्ञापन

गौतम बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी से महज 25 किमी. दूरी पर बुद्ध की पांच प्रतिमाओं को खंडित किए जाने का मामला गहराता जा रहा है। इस कृत्य से बुद्ध के अनुयायियों में आक्रोश व्याप्त है। इस प्रकरण को नेपाल सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है। पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने का निर्णय लिया है। 

विज्ञापन


पड़ोसी मुल्क नेपाल में भैरहवा से बुटवल के बीच शंकरनगर से नया मिल तक लगभग तीन सौ मीटर के भीतर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भगवान बुद्ध की पांच प्रतिमाएं लगाई गई थीं। गुरुवार की भोर में सभी प्रतिमाएं खंडित देखी गईं। इसकी सूचना फैलते ही नेपालवासियों के साथ ही बुद्ध के अनुयायियों में रोष व्याप्त हो गया। इसे देखते हुए नेपाली पुलिस ने भी सतर्कता बरतते हुए सुरक्षा व्यवस्था चौकस कर दी है। इस बीच नेपाल के सूचना संचार प्राविधि मंत्री गोकुल प्रसाद वासकोटा ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि इस मामले को धार्मिक बिंदु से जोड़ने की आवश्यकता नहीं है।

नेपाल सरकार ने गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच कराने का निर्णय लिया है। दोषी बख्शे नहीं जाएंगे। मूर्ति प्रकरण पर तिलोत्तमा नगर पालिका के नगर प्रमुख वासुदेव घिमिरे ने बताया कि हाल में संपन्न पर्यटन दिवस के मौके पर बौद्ध पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से पचास लाख की लागत से 22 मूर्तियां स्थापित की गई थी, जिसमें पांच को खंडित कर दिया गया है।
विज्ञापन


बताया कि बुधवार रात तक प्रतिमाएं सुरक्षित थी। लेकिन गुरुवार की सुबह मूर्ति खंडित मिली। लुंबिनी विकास मंच के अध्यक्ष संदीप गुप्ता ने घटना की निंदा करते हुए सरकार और पुलिस प्रशासन से इस मामले को खुलासा करने की मांग की है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें