मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सपा, बसपा और कांग्रेस पर करारा हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारें संवेदनहीन थीं। उन्हें नौजवान, व्यापारियों और किसानों की चिंता नहीं थी। चीनी मिलें बेची व बंद की जाती थीं। अब ऐसी स्थिति नहीं है। बंद चीनी मिलें चालू कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को धुरियापार चीनी मिल के पेराई सत्र की शुरूआत की। साथ ही जनसभा करके कहा कि मंदी के इस दौर में भी यूपी सरकार ने गन्ना किसानों के 76 हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया है। सरकार गन्ना किसानों की पाई-पाई चुकाने को तैयार है। अब नई चीनी मिलें स्थापित कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक चीनी मिल के बंद होने का मतलब 50 हजार किसानों को बेकार कर देना है। साथ ही एक हजार नौजावानों से उनका रोजगार छीन लेना होता है। यही काम विपक्ष ने किया था। पिपराइच चीनी मिल को बंद करने की शुरुआत 2008 में हो गई थी। 2010-11 में इसे पूरी तरह बंद कर दिया गया। इसपर भाजपा ने आंदोलन भी किया था।
2017 में सरकार बनने के बाद पहली बैठक हुई तो पिपराइच में नई चीनी मिल चलाने का फैसला किया गया। इस मौके पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, समाज कल्याण मंत्री व जिले के प्रभारी रमापति शास्त्री, मंत्री सुरेश राणा, सांसद रवि किशन और विधायक महेंद्र पाल सिंह मौजूद रहे।
खुशहाली, रोजगार का आधार बनेगी चीनी मिल
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिपराइच चीनी मिल किसानों की खुशहाली और युवाओं के रोजगार का आधार बनेगी। द्वितीय चरण में यहां अत्याधुनिक डिस्टलरी लगेगी और एथेनॉल का उत्पादन भी किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने सबका साथ और सबका विकास के नारे को साकार करते हुए स्वॉयल हेल्थ कार्ड, पीएम फसल बीमा योजना, किसान को लागत का डेढ़ गुना दाम और सालाना छह हजार रुपये देने की व्यवस्था ऐतिहासिक है। 26 वर्षों से बंद पड़े खाद कारखाने की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2016 में रखी थी। इसका लोकार्पण भी प्रधानमंत्री ही करेंगे।
प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष रूप से 45 हजार को मिलेगा रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी सरकार पूर्वांचल को एक बार फिर चीनी उत्पादन में अव्वल बनाना चाहती है। पिपराइच चीनी मिल एक साल के भीतर तैयार हुई है, जो रिकार्ड है। चीनी मिल के चलने से प्रत्यक्ष तौर पर 15 हजार और अप्रत्यक्ष तौर पर 30 हजार को रोजगार मिलेगा।
पिपराइच क्षेत्र के किसानों को भी दूर नहीं जाना पड़ेगा। जल्द ही बस्ती की मुंडेरवा चीनी मिल के पेराई सत्र की शुरूआत की जाएगी।
रोजाना 50 हजार कुंतल गन्ने की पेराई
पिपराइच चीनी मिल में रोजाना 50 हजार कुंतल गन्ने की पेराई कराई जा सकेगी। सल्फर मुक्त चीनी बनाई जाएगी। पहले रोजाना की पेराई क्षमता पांच हजार कुंतल थी।
27 मेगावाट बिजली बनेगी, 30 हजार करोड़ की आमदनी
पिपराइच चीनी मिल में 27 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाएगा। इससे 30 हजार करोड़ रुपये की आमदनी होगी। आमदनी अच्छी होगी तो किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान तत्काल किया जा सकेगा। बिजली भी मिलती रहेगी।