समारोह में जाने से पहले मुख्यमंत्री ने स्टील प्लांट का निरीक्षण किया। साथ ही प्रबंध निदेशक चंद्र प्रकाश अग्रवाल से सरिया निर्माण की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने गैलेंट समूह का पॉवर प्लांट भी देखा। कंपनी करीब 86 मेगावाट बिजली बनाती है। इसका उपयोग कंपनी ही करती है। मुख्यमंत्री को बताया गया कि 2022 तक 161 मेगावाट बिजली बनाने का लक्ष्य है।
कंपनी के प्रबंध निदेशक ने बताया कि उन्होंने 1984 में तेल मिल लगाई। इसके बाद बस्ती, महराजगंज और बिहार में तेल मिल खरीदी। 1994 में इस्पात उद्योग में कदम रखा और गोरखपुर में छोटी इकाई स्थापित की। 2005 में कारोबार और गुजरात के गांधीधाम में पहला बड़ा स्टील प्लांट स्थापित किया, फिर गोरखपुर में स्टील प्लांट लगाया। अब कर्नाटक के वेल्लारी में स्टील प्लांट की स्थापना की है। अब तक 1500 करोड़ रुपये का निवेश किया था, जिसका दायरा अब बढ़ाया जा रहा है।
पांच करोड़ की लागत से खुलेगा अंतरराष्ट्रीय मानक का विद्यालय
गैलेंट इस्पात के प्रबंध निदेशक चंद्र प्रकाश अग्रवाल ने कंपनी के सामाजिक कामकाज का जिक्र किया और बताया कि अंतरराष्ट्रीय मानक पूरा करने वाला एक विद्यालय बनाने का भी फैसला किया गया है। इस पर पांच करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह स्कूल फायदे के लिए नहीं खोला जा रहा है। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की पढ़ाई नि:शुल्क होगी। इससे पहले कंपनी ने सरस्वती विद्या मंदिर हाईस्कूल सहजनवां को 30 लाख रुपये का सहयोग दिया था।
कर्मचारियों को मिला सम्मान
सीएम योगी आदित्यनाथ और प्रबंध निदेशक ने गैलेंट इस्पात में 25 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया। महाप्रबंधक बृजमोहन जोशी, महाप्रबंधक नवनीत जिंदल, कार्यालय सहायक प्रमोद सिंह को प्रशस्ति पत्र दिया गया। कंपनी की तरफ से आयोजित खेलकूद प्रतियोगिता की विजेता क्रिकेट टीम के कप्तान सतीश सिंह, वॉलीबाल टीम के कप्तान उमेश चौबे और बैडमिंटन प्रतियोगिता के विजेता अभिषेक त्रिपाठी को भी पुरस्कृत किया गया।