धुरियापार बायो फ्यूल प्लांट का शिलान्यास सितंबर में: योगी
गोरखपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि धुरियापार के बायो फ्यूल प्लांट का शिलान्यास सितंबर में होगा। इसकी तैयारियां चल रही हैं। 1200 करोड़ की लागत से बनने वाले प्लांट में जैविक कचरे से वैकल्पिक ईंधन तैयार किया जाएगा। इससे कचरे का बेहतर प्रबंधन होगा और स्वच्छता बढ़ेगी। शहरवासी प्लांट को कचरा उपलब्ध कराके कमाई भी कर सकते हैं। बायो फ्यूल प्लांट की मदद से बिजली का उत्पादन भी किया जाएगा। प्लांट के स्थापित होने से प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सूरजकुंड मंदिर में पूजा-पाठ की, फिर शहरवासियों को 55 करोड़ रुपये से ज्यादा की विकास परियोजनाओं का तोहफा दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने जनता से सरकार के विकास कार्याें के लिए रचनात्मक सहयोग करने की अपील भी की। कहा कि सरकार ने विकास कार्यों के लिए जो पैसा दिया है, उसका एक-एक रुपया खर्च हो यह जरूरी है। इसके लिए आप (जनता) का भी सहयोग जरूरी है। रामलीला मैदान, मुक्तेश्वर मंदिर, मुंजेश्वर मंदिर का सुंदरीकरण किया गया। मोहद्दीपुर और जटाशंकर गुरुद्वारोें का पुनरोद्घार कराया जा रहा है। इससे पर्यटन का विकास होगा। एक वर्ष के अंदर एम्स तैयार हो जाएगा। इसके बाद गोरखपुर और आसपास के इलाके के लोगों को इलाज के लिए नई दिल्ली नहीं जाना पड़ेेगा, क्योंकि विश्वस्तरीय इलाज यहीं उपलब्ध होगा। खाद कारखाना भी 2020 तक काम करने लगेगा। सुविधाजनक तरीके से किसानों को खाद मिलेगी। एक्सप्रेस वे के दोनों तरफ औद्योगिक गलियारा विकसित होगा। जिससे गोरखपुर के युवाओं को रोजगार और कारोबारियोें की आर्थिक उन्नति मिलेगी। बीआरडी मेडिकल में चिकित्सा सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। जल्द ही यहां भी एम्स जैसी ही चिकित्सा सुविधाएं मिलने लगेंगी।
प्लास्टिक इस्तेमाल कम करने की अपील की
मुख्यमंत्री ने प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने की अपील की और कहा कि प्लास्टिक, थर्मोकोल इस्तेमाल के बाद फेंक दिए जाते हैं। इससे नालियां चोंक हो जाती हैं। जलभराव की समस्या होती है। उफनाकर पानी घर या फिर दफ्तरों में चला जाता है। प्लास्टिक पर्यावरण के लिए नुकसानदेह है।
सूरजकुंड धाम बनेगा पर्यटन का केंद्र: सीएम योगी
गोरखपुर। मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों से जो सूरजकुंड धाम अपने पुनरोद्घार का इंतजार कर रहा था, उसे दर्शनीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर पाएंगे, इस विश्वास के साथ शिलान्यास किया है। निर्जन हो रहे सूरजकुंड को उसकी धार्मिक महत्ता वापस दिलाने में संस्कार भारती का बड़ा योगदान है। संस्कार भारती ने वर्ष में दो-तीन कार्यक्रमों का आयोजन किया, जिससे लोगोें में इसके प्रति आकर्षण बढ़ा।
कहा कि सूरजकुंड धाम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए साल में कम से कम एक बडे़ कार्यक्रम का आयोजन होगा। उन्होंने पर्यटन विभाग को निर्देश दिया कि सूरजकुंड धाम के पुनरोद्घार के साथ ही पास में कोई ऐसा स्थल विकसित करे, जहां पचास हजार लोग इकट्ठा हो सकें। जिससे मंचीय कार्यक्रम भी आयोजित किए जा सकें। प्रेक्षागृह भी बनाने के निर्देश दिए ताकि शहर की प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराया जा सके। इस मौके पर महापौर सीताराम जायसवाल, विधायक डा. राधामोहन दास अग्रवाल, फतेह बहादुर सिंह, महेंद्रपाल सिंह, विपिन सिंह, शीतल पांडेय, क्षेत्रीय अध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, महानगर अध्यक्ष राहुल श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव गृह/सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, मंडलायुक्त जयंत नार्लिकर, जिलाधिकारी के.विजयेंद्र पांडियन सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।