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मुख्यमंत्री ने पूछा लोहिया मामले में क्यों नहीं हुई कार्रवाई

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मुख्यमंत्री ने पूछा लोहिया मामले में क्यों नहीं हुई कार्रवाई
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गोरखपुर। लोहिया एन्क्लेव फेज-एक के आवंटियों की शिकायत पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रशासनिक और जीडीए अफसरों पर नाराजगी जताई। उन्होंने दो टूक शब्दों में पूछा कि- जब मैने लोहिया मामले की जांच कर कार्रवाई करने को कहा था तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई ? इसपर कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने जैसे ही एनजीटी का नाम लिया मुख्यमंत्री ने कहा कि एनजीटी में रिट क्यों नहीं दाखिल करते ?
लोहिया एन्क्लेव में घटिया निर्माण को लेकर आवंटी लंबे समय से शिकायत कर रहे हैं। करीब एक महीने पहले एनेक्सी में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कमिश्नर को पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद कमिश्नर ने ज्चाइंट मजिस्ट्रेट प्रथमेश कुमार की अगुवाई में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी। इसमें लोक निर्माण विभाग और आरईएस के एक्सईएन भी शामिल हैं। कमेटी ने अपनी जांच कर ली मगर क्वालिटी टेस्ट के लिए भेजी गई रिपोर्ट अभी नहीं आई है। माना जा रहा है कि जैसे ही क्वालिटी टेस्ट की रिपोर्ट आ जाएगी इस मामले में कार्रवाई हो जाएगी। प्राधिकरण सूत्रों के मुताबिक कार्रवाई के लिए सभी तैयारियां पूरी भी कर ली गईं हैं। लोहिया एन्क्लेव के निर्माण के समय कौन-कौन से अभियंता तैनात थे, कौन से ठेकेदार ने कौन से ब्लाक का निर्माण कराया, इसकी भी सूची तैयार कर ली गई है। उधर फ्लैट की एकमुश्त रकम जमा करने वाले आवंटियों को ब्याज की रकम लौटाई जानी शुरू हो गई है।
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कार्रवाई के संबंध में कमिश्नर का पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ, जबकि जीडीए उपाध्यक्ष का फोन बंद मिला। मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत करने वालों में मुख्य रुप ये आवंटी विवेक चौरसिया, अवनीश शुक्ला, परसुराम प्रजापति, डीपी राय आदि शामिल थे।
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आवंटियों की शिकायतें
आवंटियों की शिकायत है कि फ्लैट के क्षेत्रफल में खेल किया गया, गृह प्रवेश के पहले ही सभी फ्लैट की दीवारों पर सीलन है। प्लास्टर टूटकर गिर रहे हैं। पार्किंग की जगह पहले से छोटी थी, प्राधिकरण ने अब उसमें यूटिलिटी रूम बनवा दिए हैं। पार्क में पानी की टंकी का निर्माण कराकर उसे भी छोटा कर दिया गया है। सड़क पतली है और नाली की ऊंचाई उससे छोटी है जिससे जलजमाव की समस्या होगी।
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