मादक पदार्थ की तस्करी करने वाले गैंग के दो कैरियर मंगलवार को 1.20 करोड़ की हेरोइन के साथ पकड़े गए। मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ ने गुलरिहा में आकाशवाणी केंद्र के पास से गिरफ्तार किया। पकड़े गए कैरियर कुशीनगर और महराजगंज के रहने वाले हैं। मुकदमा दर्ज कर एसटीएफ के साथ ही गुलरिहा पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
सीओ एसटीएफ विकास त्रिपाठी को मंगलवार को मुखबिर से हेरोइन की खेप लेकर तस्कर के गोरखपुर आने की जानकारी मिली थी। जानकारी के आधार पर मंगलवार की दोपहर गुलरिहा में आकाशवाणी केंद्र के पास दरोगा अशोक सिंह, सत्यप्रकाश सिंह के साथ पहुंच गए। शाम चार बजे के करीब सूचना के आधार पर महराजगंज की तरफ से आ रहे बाइक सवार दो व्यक्ति को गिरफ्तार किया।
तलाशी लेने पर इनक पास से रेक्सीन के पैकेट में 800 ग्राम हेरोइन मिला। पैकेट पर मेड इन थाइलैंड लिखा था। पकड़े गए कैरियर की पहचान महराजगंज, घुघली के रहने वाले विनोद कुमार दास, कुशीनगर के नेबुआ नौरंगिया निवासी सुरेश कुशवाहा के रूप में हुई। आरोपियों के पास मिली बाइक और दो मोबाइल कब्जे में लेकर एसटीएफ के साथ ही गुलरिहा पुलिस पूछताछ कर रही है। सीओ एसटीएफ विकास त्रिपाठी ने बताया कि पकड़ी गई हेरोइन की कीमत 1.20 करोड़ के आसपास है। मादक पदार्थ की खेप नेपाल से बगहा पहुंचाई जाती है जहां से कैरियर के जरिए इसकी डिलेवरी कराई जाती है।
बगहा के रहने वाले बाबू ने दिया था पैकेट
बगहा के रहने वाले बाबू ने सुरेश और विनोद को हेरोइन का पैकेट दिया था। मेडिकल कॉलेज के पास एक व्यक्ति को इसकी डिलेवरी देनी थी। एसटीएफ की पूछताछ में दोनों ने बताया कि वह कैरियर का काम करते हैं। इससे पहले भी दर्जनों बार गोरखपुर आ चुके हैं। डिलेवरी होने पर उन्हें पांच हजार रुपये मिलते हैं। गैंग के सरगना को उन्होंने नहीं देखा है। तीन साल से वह इस गैंग से जुड़े हैं।
गोरखपुर से देश के अन्य हिस्साें में भेजा जाता है सामान
हेरोइन के साथ ही अन्य मादक पदार्थ रक्सौल के रास्ते बगहा पहुंचता है। यहां से कैरियर के जरिए दूसरे प्वाइंट पर पहुंचाया जाता है। मादक पदार्थ को दिल्ली, पंजाब, हरियाणा के साथ ही देश के अन्य स्थानों पर भेजने का सेंटर गोरखपुर है। डिलेवरी लेने आने वाले लोगों के बारे में भी उन्होंने जानकारी होने से इन्कार किया।