पुलिस बूथ के सामने से व्यापारी पुत्र का अपहरण कर पीटा
जंगल कौड़िया (गोरखपुर)। पीपीगंज इलाके के पुलिस बूथ के सामने से ही व्यापारी पुत्र दिनेश अग्रहरि को अगवा कर कमरे में बंद कर मारने-पीटने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पुलिस बूथ के सामने ही वारदात होती रही और पुलिस तमाशबीन बनी रही।
यहां तक की शिकायत के बाद भी केस दर्ज नहीं किया गया। पुलिस ने पांच दिन बाद सीओ कैंपियरगंज की फटकार के बाद आरोपी मुन्ना सिंह व अज्ञात लोगों पर अपहरण कर मारपीट, धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज किया है। चर्चा है कि एक सत्ताधारी नेता के दबाव में आकर पुलिस ने घटना वाले दिन समझौता करा दिया था। बाद में पीड़ित ने आला अफसरों से शिकायत की जिसके बाद कार्रवाई हुई है।
घटना 25 अक्तूबर की है। थाने में दर्ज केस के मुताबिक हनुमत नगर वार्ड नंबर दो निवासी तीरथ प्रसाद की पुलिस बूथ के सामने ही बेकर्स की दुकान है। आरोप है कि एक साल पहले उन्होंने मुन्ना सिंह से 70 हजार रुपये कर्ज लिए थे। रुपये वापस करने के बाद भी दस प्रतिशत सूद के हिसाब से रुपये मांग रहे थे और नहीं देने पर फोन पर जान से मारने की धमकी दे रहे थे। इसे लेकर ही 25 अक्तूबर को अपने तीस साथियों के साथ मुन्ना सिंह आए और दिनेश अग्रहरि के साथ मारपीट शुरू कर दी।
बीच बचाव करने पर दिनेश को पुलिस के सामने ही बाइक से उठा ले गए और एक कमरा में बंद कर पीटा। वहां पर दिनेश ने रुपये देने के लिए कहा तो उसे छोड़ दिया। बदमाशों के चंगुल से छूटकर आए दिनेश ने पुलिस से आपबीती बताई तो पुलिस ने कार्रवाई करने की जगह समझौता करा दिया।
समझौते के बाद से ही क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चा थी। फिर पीड़ित ने आला अफसरों तक इसकी शिकायत की। मामला सीओ के संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने मंगलवार की देर रात केस दर्ज कर लिया। उधर, पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद भी उसे धमकी दी कि विवेचना में सब रफा दफा कर देंगे। हालांकि सीओ कैंपियरगंज का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाएगी।