ड्रग इंस्पेक्टर ने शिकायत मिलने पर तीन मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी कर दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी है। संदेह के आधार पर यहां से जांच के लिए दवा के सैंपल भी लिए गए हैं। ये कार्रवाई फार्मासिस्ट न होने, दवा का भंडारण सही न होने पर की गई। फिलहाल शेड्यूल एच व एचवन की दवाओं की बिक्री पर ही रोक लगाई गई है। छापेमारी की सूचना पर आसपास के दुकानदार दुकान बंद कर फरार हो गए। इन दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
ड्रग इंस्पेक्टर बृजेश यादव ने बताया कि चौरीचौरा के बालबुजुर्ग गांव निवासी राम विलास यादव ने डीएम से पत्र लिखकर दवाओं के बिक्री नियम विरुद्ध करने की शिकायत की थी। डीएम के आदेश पर मंगलवार को जांच के दौरान शुभम मेडिकल स्टोर पर फर्मासिस्ट नहीं मिले। क्रय विक्रय अभिलेख भी नहीं था। यहां से दो दवाओं के नमूने लिए गए। गणपति मेडिकल स्टोर पर भी क्रय विक्रय अभिलेख नहीं था। यहां से एक दवा का नमूना लिया गया।
इसके अलावा प्रिंस मेडिकल स्टोर में जांच के दौरान लाइसेंस के नवीनीकरण की वैधता को प्रमाणित नहीं कर पाए। दवाओं का भंडारण भी संतोषजनक नहीं था। बरनवाल मेडिकल स्टोर से दो दवाओं के नमूने लिए गए। बरनवाल को छोड़कर बाकी अन्य दुकानों पर ज्यादा कमियां मिलने पर शेड्यूल एच व एचवन दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। सहायक आयुक्त औषधि गोरखपुर मंडल को कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट भेजी जा रही है।
उन्होंने बताया कि शिकायत कर्ता को मौके पर बुलाने की कोशिश की गई, मगर बालबुजुर्ग गांव के लोगों ने बताया कि उक्त नाम का आदमी इस गांव मे नहीं है। शिकायत फर्जी है। निरीक्षण के दौरान कुछ दुकान बंद कर दिए गए थे। उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।