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मांगों को लेकर अड़े तो दरियादिली भी दिखाई

Tue, 31 May 2016 08:14 PM IST
शिवम सिंह
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मेडिकल कॉलेज
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शिवम सिंह 
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गोरखपुर। अक्सर तीमारदारों से मारपीट कर सुर्खियों में रहने वाले डॉक्टर मंगलवार को रहम दिल नजर आए। मंगलवार को उनकी सख्ती ऐसी थी कि ओपीडी, इमरजेंसी सब कुछ ठप करा दिया मगर वहीं पर जब उनके सामने ऐसा मरीज आया जिसकी जान जोखिम में थी तो डॉक्टर रहम दिल भी हुए। पेट में राड घुस जाने के बाद आई किशोरी को न सिर्फ भर्ती किया गया बल्कि डॉ. लवकुश ने उसकी सर्जरी कर जान भी बचा ली। इसी तरह 46 मरीज इमरजेंसी ठप होने के बावजूद भर्ती किए गए और उनका उपचार चल रहा है। 

कुशीनगर जिले के तुर्कपट्टी के रहने वाले नंदलाल चौरसिया की 16 वर्षीय बेटी मंगलवार की सुबह आम तोड़ने के लिए पेड़ पर चढ़ गई थी। पेड़ से गिरी तो एक सरिया पेट में घुस गया। घर वाले सरकारी एंबुलेंस की मदद से उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। पहले तो डॉक्टरों ने भर्ती करने से ही इंकार कर दिया मगर बाद में उसे भर्ती कर सर्जरी करके जान भी बचा ली।
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महराजगंज की सावित्री के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। ट्रॉमा सेंटर में बेटी के साथ पड़ी सावित्री को एक घंटे बाद डॉक्टरों ने देखा। सावित्री को भी डॉक्टरों ने भर्ती कर लिया। वहीं वार्डों में भर्ती मरीजों को देख रहे सीनियर डॉक्टरों को भी जूनियर डॉक्टरों ने नहीं रोका और खुद भी वार्डों में पहले से भर्ती मरीजों को देखते रहे। 
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