एक असलहा जिला प्रशासन के पास सरेंडर करना होगा
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तीन शस्त्र रखने वाले सैकड़ों लोगों को जल्द ही अपना एक असलहा जिला प्रशासन के पास सरेंडर करना होगा। जिला प्रशासन के मुताबिक, इनकी वास्तविक संख्या को लेकर अभी कोई अलग से रिपोर्ट नहीं तैयार की जा सकी है। मगर प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, जिले में ऐसे शस्त्र शौकीनों की संख्या 1200 से अधिक होने की उम्मीद है।
वहीं जिले के 22000 शस्त्र लाइसेंसधारियों के लिए एक राहत भरी खबर भी है। अब उन्हें तीन साल की बजाए पांच साल पर अपने लाइसेंस का नवीनीकरण कराना होगा। इससे उन्हें हर बार करीब एक हजार रुपये तक की बचत होगी। हर तीसरे साल थाना और शस्त्र कार्यालय की दौड़ लगाने से छुटकारा मिलेगा सो अलग।
आयुध संशोधन विधेयक 2019 को संसद से मंजूरी मिलने के बाद ये सभी बदलाव होने जा रहे हैं। इस संशोधित विधेयक के मुताबिक, अब कोई भी व्यक्ति दो से अधिक असलहे नहीं रख सकेगा। प्रस्तावित कानून के गजट में अधिसूचित होने के एक वर्ष के भीतर ऐसे लोगों को संबंधित पुलिस थाने या फिर शस्त्र विक्रेता के पास अपना एक असलहा जमा करना होगा। इन असलहों को निष्क्रिय किया जाएगा। यही नहीं, कारतूस पर नंबर दर्ज होगा और हर्ष फायरिंग करने वालों पर और सख्त कार्रवाई होगी।
गजट के अनुसार, शासनादेश जारी होते ही तीन असलहे रखने वाले शस्त्रधारियों की सूची तैयारी की जाएगी। फिर उनसे एक असलहे जमा कराए जाएंगे। जिले में शस्त्रधारियों की संख्या बहुत अधिक है। 22000 लाइसेंसधारियों में से कितने के नाम तीन असलहे हैं, उनकी वास्तविक संख्या बता पाना अभी मुमकिन नहीं है।
- राकेश कुमार श्रीवास्तव, एडीएम सिटी