गोरखपुर। आईपीएस अमिताभ ठाकुर की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रहीं हैं। ठाकुर और परिवारीजनों के नाम से ली गई संपत्ति की जांच के बाद अब शासन की नजर उनके एनजीओ और ट्रस्ट पर है। शासन ने सूबे के करीब नौ जिलों के एआईजी स्टांप से अमिताभ ठाकुर और उनके परिवार के किसी भी सदस्य के नाम से चल रहे एनजीओ और ट्रस्ट के नाम से अर्जित संपत्तियों की जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है।
जिन जिलों में ये आदेश जारी किया गया है उनमें गोरखपुर, देवरिया, बस्ती समेत लखनऊ, बाराबंकी, बलिया, गोंडा, बहराइच और बलरामपुर का भी नाम शामिल है। ये वे जिले हैं जहां अमिताभ ठाकुर की तैनाती रह चुकी है या फिर उनके रिश्ते के लोग रहते हैं।
आईजी निबंधन संगीता सिंह की तरफ से जारी आदेश में सभी एआईजी स्टांप को ठाकुर के कुछ एनजीओ और ट्रस्ट के नाम भी जारी किए गए हैं। इनमें इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च एण्ड डाक्यूमेंटेशन(आईआरडीएस), नेशनल आरटीआई फोरम, अनुभूति सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास संस्थान, पीपुल्स फोरम, पीकेओएमजी के नाम हैं।
इन सभी एनजीओ और ट्रस्ट के नाम से क्रय की गई भूमि और फ्लैट आदि की पूरी जानकारी महकमे से मांगी गई है। यही नहीं इन सभी संपत्तियों के बैनामों की सत्यापित प्रतियां भी प्रदेश के विजिलेंस मुख्यालय कोे उपलब्ध कराने को कहा गया है। इस संबंध में गोरखपुर के एआईजी स्टांप रामशंकर सिंह की तरफ से जिले के सभी सब रजिस्ट्रार को अपनी-अपनी तहसीलों में जांच कर जल्द से जल्द रिपोर्ट मुहैया कराने को कहा गया है।