गोरखपुर। व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बैनामों के समय स्टांप शुल्क के निर्धारण का फार्मूला जहां बदलने जा रहा है वहीं शहर की सड़कों से करीब की जमीन के सर्किल रेट में भी भारी इजाफा करने की तैयारी है। शासन के निर्देश के बाद तैयार सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक सड़क से 25 फीट तक की जमीन के दाम में 150 फीसदी वृद्धि की जाएगी।
इसी तरह 35 फीट से कम मगर 25 फीट तक की जमीन में 100 फीसदी और 50 फीट से कम मगर 35 फीट तक की जमीन के दाम में 50 फीसदी की वृद्धि होने जा रही है। अगर किसी जमीन के करीब एक से अधिक सड़क है तो सबसे चौड़ी सड़क को आधार माना जाएगा।
रजिस्ट्री महक मे के मुताबिक प्रस्ताव तैयार कर लिया गया और अब सिर्फ डीएम की रजामंदी ही बाकी है। पंचायत चुनाव यानी 15 दिसंबर के बाद नया सर्किल रेट लागू कर दिया जाएगा। छह महीने के भीतर यह दूसरा मौका है जब शहर की जमीन के दाम बढ़ने जा रहे हैं। हालांकि महकमे का कहना है कि नया सर्किल रेट तो अगस्त में ही लागू हो गया है। इसमें कुछ खामियां रह गई थीं, जिन्हें संशोधित कर नया रेट लागू किया जा रहा है। यही नहीं, महकमे की यह भी दलील है कि ऐसा नहीं है कि संशोधन के दौरान सिर्फ रेट बढ़ाए ही जा रहे हैं।
रेट घटाए भी जा रहे हैं। मसलन सड़क से 70 फीट से अधिक मगर 90 फीट तक की जमीन के दामों में 15 फीसदी की कमी, 90 फीट से अधिक मगर 105 फीट तक की जमीन में 20 फीसदी तथा 105 फीट से अधिक गहराई की जमीन के मौजूदा दाम में 30 फीसदी कमी की जाएगी।
इसी तरह एकल दुकानों एवं वाणिज्यिक अधिष्ठानों के मामलों में अब स्टांप शुल्क का निर्धारण भूमि का मूल्य तथा दर सूची में तय निर्माण दर के अनुसार संपत्ति पर आए खर्च, दोनों को जोड़ कर किया जाएगा। काप्लेक्स या एक से अधिक तल की इमारतों में स्थित दुकानों व वाणिज्यिक अधिष्ठानों के मामलों में स्टांप शुल्क का निर्धारण कार्पेट एरिया के मुताबिक किया जाएगा। यानी वणिज्यिक संपत्ति का कुल फर्श क्षेत्र में निर्धारित दर प्रति वर्गमीटर का गुणा क र स्टांप शुल्क तय किया जाएगा।
कोट
शासन के निर्देशानुसार सर्वे कर लिया गया है। एक अगस्त को लागू हुए सर्किल रेट में जो भी खामियां थी, उन्हें चिह्नित कर वहां नई रेट लिस्ट तैयार कर ली गई है। सिर्फ डीएम की अनुमति ली जानी है। जैसे ही उनकी रजामंदी मिल जाएगी, नया रेट लागू कर दिया जाएगा। वैसे पंचायत चुनाव खत्म होने के बाद इसे लागू करने की योजना है।