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पेंशन से वंचित होंगे रेलवे के 6 लाख कर्मचारी, 8 जनवरी को संसद के सामने करेंगे हड़ताल

Mon, 16 Dec 2019 06:28 PM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
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ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा - फोटो : अमर उजाला
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आल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन (एआईआरएफ) के महामंत्री शिव गोपाल मिश्र ने कहा कि न्यू पेंशन स्कीम लागू होने से रेलवे में 2004 के बाद नियुक्त छह लाख रेलकर्मी पेंशन से वंचित हो गए हैं। रेल को टुकड़े-टुकड़े बांटकर निजीकरण और निगमीकरण का खेल शुरू हो चुका है।
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रेलवे को बचाने के लिए सभी यूनियन को एक मंच पर लाकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसमें यात्रियों को भी शामिल करेंगे। आंदोलन पूरी तरह से गैर राजनीतिक होगा। आठ जनवरी को सेंट्रल ट्रेड यूनियन ने संसद के सामने प्रदर्शन की घोषणा की है, एआईआरएफ और इससे जुड़े संगठन इसका समर्थन करेंगे। सभी जगहों पर धरना-प्रदर्शन होगा। इसी दिन आगे के आंदोलन की तिथि भी तय होगी।

एनई रेलवे मजदूर यूनियन (नरमू) के दो दिवसीय अधिवेशन में भाग लेने आए महामंत्री शिव गोपाल मिश्र रविवार को पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने रेलवे के निजीकरण और निगमीकरण के विरोध की रणनीति साझा की। उन्होंने कहा कि पूरे देश के सभी छोटी बड़ी यूनियनों को हम एकजुट करेंगे।
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इसके लिए नरमू के महामंत्री और एआईआरएफ  के सहायक महामंत्री केएल गुप्त को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें राज्य कर्मचारी, शिक्षक, निगम कर्मचारी सभी को शामिल किया जाएगा। महामंत्री ने कहा कि रेलवे में ढाई लाख पद रिक्त है। 90 हजार पदों पर भर्ती हो रही है और एक लाख पद रेलकर्मियों के सेवानिवृत्त होने से खाली हो जाएंगे।

कालोनियों में आवासों की मरम्मत नहीं हो रही है। ट्रैकमैन, कीमैन, गार्ड, लोको पायलट अगर नींद भर सोएंगे नहीं तो कार्य कैसे करेंगे। लेकिन रेलवे का ध्यान इस पर नहीं है। 
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