केंद्रीय टीम ने आठ जुलाई को एम्स की प्रस्तावित जमीन का मुआयना किया था।
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अगले महीने यानी सितंबर से गोरखपुर में एम्स का निर्माण शुरू हो जाएगा। इसे लेकर केंद्र सरकार ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। टेंडर निकाला जा चुका है। राज्य स्तर पर होने वाली तैयारियों को लेकर शुक्रवार को प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य शिक्षा अनूप चंद्र पांडेय ने लखनऊ में विभिन्न महकमों के अफसरों के साथ समीक्षा की। इसके लिए संबंधित विभागों के विशेष सचिव के अलावा जिले के राजस्व, बिजली, जल निगम और जीडीए आदि महकमों के अफसर भी लखनऊ बुलाए गए थे।
राजस्व प्रशासन की बैठक में शामिल हुए एसडीएम सदर पंकज वर्मा ने ‘अमर उजाला’ को फोन पर बताया कि निर्माण को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय टेंडर निकाल चुका है। सितंबर के अंतिम सप्ताह तक काम शुरू हो जाएगा। बिजली विभाग एम्स परिसर में ही 132 केबीए का पावर स्टेशन बनाएगा। तब तक मोतीराम अड्डा विद्युत उपकेंद्र से आपूर्ति दी जाएगी। इसी तरह पानी के लिए चार ट्यूबवेल वहां पहले से हैं। एक और ट्यूबवेल का निर्माण शुरू हो गया है। लोक निर्माण विभाग को जल्द सड़क दुरुस्त करने का निर्देश दे दिया गया है। इसी तरह जमीन एम्स के नाम करने की भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गन्ना शोध संस्थान को एनओसी देने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद जमीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के नाम हो जाएगी, जो एम्स के लिए होगा।
अब गन्ना शोध संस्थान कुशीनगर भेजने की तैयारी
गन्ना शोध संस्थान अब खुटहन की जगह कुशीनगर ट्रांसफर किया जाएगा। शासन की बैठक में इस पर भी चर्चा हुई। एसडीएम सदर ने बताया कि जल्द ही इसकी भी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। वहां पहले से एक शोध संस्थान है, जिसका परिसर काफी बड़ा है। वहां नए कार्यालय के साथ ही कर्मचारियों के लिए आवास भी बनाए जाएंगे।