नदियों के जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति विकट होती जा रही है। दूसरी तरफ प्रशासन बाढ़ प्रभावित गांवों की सही तस्वीर नहीं पेश कर रहा है। इससे बहुत से प्रभावित गांवों के लोग सरकारी सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ प्रभावित गांवों की संख्या भी बढ़ रही है।
राप्ती, घाघरा के जलस्तर में रविवार को वृद्धि दर्ज की गई। अब बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या 61 हो गई है। चारों तरफ पानी से घिरे गांवों की संख्या प्रशासन 18 बता रहा है, जबकि गोला तहसील में ही दर्जन भर गांव चारों तरफ पानी से घिरे हैं। बावजूद इसके प्रशासन को वहां बाढ़ का कोई असर नहीं दिख रहा है। इससे स्पष्ट हो रहा है कि सरकारी आंकड़े बाढ़ की सही तस्वीर नहीं पेश कर रहे हैं।
केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट में नदियों का जलस्तर अभी बढ़ रहा है, पर उसकी रफ्तार धीमी है। जिले की प्रमुख नदियों में घाघरा, राप्ती का जलस्तर बढ़ रहा है और वह खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वहीं रोहिन का जलस्तर नीचे की ओर जा रहा है, पर वह अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। कुंआनो का जलस्तर भी घट रहा है। बाढ़ प्रभावित गांवों में 52 नावों को लगा दिया गया है। एडीएम वित्त एवं राजस्व डॉ. चंद्रभूषण ने कहा कि गोला तहसील में इस तरह की बात सामने आ रही हैं कि कुछ गांव प्रभावित हैं। इसके लिए एसडीएम व अन्य कर्मचारियों से कहा गया है कि वह खुद क्षेत्रों का दौरा कर देखें कि गांवों की क्या स्थिति है।
नदियाें का जलस्तर
राप्ती बर्डघाट में 75.290 बढ़त पर है।
घाघरा बरहज 67.100 बढ़त पर।
रोहिन तिनमुहानी 82.860 जलस्तर नीचे जा रहा है।
कुआनो चंद्रदीप घाट 88.560 नीचे जा रही है।
विधायक ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
विधायक विजय बहादुर यादव ने रविवार को रोहिन नदी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। रेग्युलेटर का हो रहे रिसाव का निरीक्षण किया। ड्रेनेज खंड के अधिकारियों से कहा कि रिसाव वाले स्थान पर कार्य नहीं कराया गया है। इससे लगता है कि अधिकारी इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। निरीक्षण के दौरान विधायक के साथ अरविंद चौरसिया, चंदन यादव, जुबेर अहमद, अमीरूद्दीन अंसारी, राकेश पासवान, राहुल गुप्ता, हरिश्चंद्र निषाद, नीरज चौधरी, जयंत निषाद, विशाल सिंह, बंटी निषाद आदि मौजूद थे।