गोरखपुर जिले में आयुष्मान योजना के लिए चुने गए 2.33 लाख लाभार्थियों को गृह जनपद में ही साधारण से लेकर सुपर स्पेशलिटी उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हैं। आयुष्मान भारत योजना के जिला नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. नीरज कुमार पांडेय के अनुसार लाभार्थियों को 1416 प्रकार की बीमारियों के इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
जिले में सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और आठ निजी अस्पतालों में इलाज की आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। वहीं, बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गुरु गोरक्षनाथ चिकित्सालय, जिला अस्पताल सहित 54 अस्पतालों में सुपर स्पेशलिटी इलाज की सुविधा है। यहां एंजियोप्लास्टी, घुटना, कूल्हा प्रत्यारोपण, बर्न केसेज सहित अन्य जटिल रोगों का इलाज उपलब्ध है। डॉ. पांडेय कहते हैं कि एम्स में अंत: रोगी विभाग (आईपीडी) शुरू होने के बाद मरीजों को जिले में ही विश्वस्तरीय इलाज की सुविधा मिलने लगेगी।
दांतों के उपचार के लिए रकम देनी होगी
डॉ. नीरज कुमार पांडेय के अनुसार आयुष्मान भारत योजना के तहत कुछ सुविधाएं लाभार्थियों को उपलब्ध नहीं होतीं। इनमें ड्रग्स एडिक्ट का इलाज, आत्महत्या के मामले, दांतों का उपचार, आरसीटी, फेस अपलिफ्ट, एस्थेटिक करेक्टिव ट्रीटमेंट (चेहरे का सुंदरीकरण), कॉस्मेटिक सर्जरी, कारपोरियल थेरेपी (लिंग परिवर्तन), टीकाकरण आदि शामिल हैं।
आधार कार्ड से जोड़े गए 98 फीसदी मरीज
आयुष्मान योजना का लाभ सही व्यक्ति को ही मिले इसके लिए गोल्डन कार्ड को आधार से लिंक किया जा रहा है। जिले में अभी तक 1.33 लाख गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं। इनमें से 98 फीसदी को आधार कार्ड से लिंक किया जा चुका है। आधार कार्ड लिंक करने के मामले में गोरखपुर प्रदेश मेें अव्वल स्थान पर है।