अपनी मांगो को लेकर विकास भवन पर प्रदर्शन करतीं महिला आंगनवाड़ी कार्यकत्री।
- फोटो : Rajesh Kumar
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले चल रहे आंदोलन के 21वें दिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भिक्षाटन किया। कई टोलियों में बंटकर आंगनबाड़ी वर्कर कमिश्नर कार्यालय, डीएम, सीडीओ और डीडीओ कार्यालय पहुंचीं। वहां उन्होंने भिक्षाटन किया।
रोज की तरह गुरुवार को भी आंगनबाड़ी वर्कर विकास भवन में एकत्रित र्हुइं। यहां उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। इसके बाद कटोरा लेकर आने वाली आंगनबाड़ी वर्कर कार्यालयों में घूम-घूमकर भिक्षाटन करने लगीं। जैसे ही उनका जत्था किसी अधिकारी के कार्यालय में घुसता था, वे सकते में आ जाते थे। एक के बाद एक जब कई ग्रुप कार्यालयों में घुसने लगे तो कई जगह अधिकारी कार्यालय छोड़कर निकल गए। कई ने तो अपने कार्यालय अंदर से बंद करा दिए। भिक्षाटन के दौरान आंगनबाड़ी वर्करों की कई लोगों से नोकझोंक भी हुई।
आंगनबाड़ियों की सभा को संबोधित करते हुए गीतांजलि मौर्य ने कहा कि हमारी लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक मांगें मान नहीं ली जातीं। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को व्रत के चलते धरना स्थगित रहेगा। धरने में गीता पांडेय, पुष्पा शुक्ला, पुष्पा त्रिपाठी, मीना सिंह, सपना चौधरी, गुड्डी देवी, शमां, संध्या तिवारी, शशिकला पांडेय, उर्मिला मौर्य, अर्चना श्रीवास्तव, अंजली गुप्ता, रितू जायसवाल, मालती, किरन, आशा राय, सरिता मणि, कुसुम सिंह सहित भारी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद थीं।