गोरखपुर। जिला अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में बाहरी लोग चश्मा भेज रहे हैं। आंख की जांच के बाद ये लोग 250 से 300 रुपये लोगों से जमा कराकर चश्मा बना रहे हैं। यह काम अस्पताल में कई साल से चल रहा है लेकिन आज तक लोग इसे सरकारी योजना का हिस्सा समझकर रुपये दे रहे थे। बृहस्पतिवार को कुछ लोगों ने आपत्ति की और इसकी रसीद मांगी तो देने से इन्कार कर दिया, जिसके बाद सीएमओ से लिखित शिकायत की गई। ठगी का शिकार हुए लोगों ने कमिश्नर और डीएम से भी शिकायत की है।
नेत्र रोग विभाग में सिर्फ आंख जांच की ही व्यवस्था है। बेलीपार की धर्मशीला, सिधारीपुर के जमशेद समेत कई लोग आंख की जांच कराने गए थे। जांच के बाद उन्हें एक कमरे में भेजा गया जहां पर पहले से मौजूद लोगों ने चश्मा बनवाने का दबाव बनाया। इन लोगों से 250 से 300 रुपये की मांग की गई। अलग-अलग चश्मे के अनुसार दाम बताने के बाद जमशेद ने चश्मा लेने से इन्कार कर दिया। कर्मचारी ने इसके बाद पर्ची देने से ही इंकार कर दिया। इस पर जमशेद ने तत्काल सीएमओ को फोन कर इसकी शिकायत की। सीएमओ के लिखित शिकायत करने को कहने पर उन्होंने आफिस पहुंचकर लिखित शिकायत भी की। जमशेद ने बताया कि शिकायत के वक्त एडिशनल सिटी मजिस्ट्रेट अमरेंद्र कुमार भी मौजूद थे। उन्होंने भी सीएमओ को जांच करने का निर्देश दिया है।
इस संबंध में सीएमओ डॉ. रमेश प्रसाद ने बताया कि नेत्र रोग विभाग में चश्मा बेचा जाने नियम विरुद्ध है और गंभीर बात है। यहां पर सिर्फ जांच तक की ही व्यवस्था है। लिखित शिकायत आई है, जांच कर दोषी पर कार्रवाई की जाएगी