गोरखपुर। कबीर की मालाएं चोरी करने वाले चार थाई नागरिकों को शुक्रवार को वाराणसी-कोलकाता पुलिस अपने साथ ले गई। इनकी गिरफ्तारी गोरखपुर क्राइम ब्रांच की मदद से सोनबरसा से दर्शाई गई है, जबकि इन्हें साथ ले जाने के लिए वाराणसी और कोलकाता पुलिस वारंट साथ लाई थी। पुलिस अभी चोरी गई मालाएं नहीं तलाश सकी है।
वाराणसी के कबीर चौरा मठ से 30 नवंबर को करीब छह सौ साल पुरानी संत कबीर की ऐतिहासिक माला चोरी हो गई थी। छह माह पूर्व कोलकाता के बेल्लूर मठ से रामकृष्ण परमहंस की माला भी इसी तरह चोरी हुई थी। कोलकाता पुलिस की डिटेक्टिव यूनिट चोरों की तलाश में थी। कोलकाता और वाराणसी पुलिस से मिली खुफिया सूचना के बाद क्राइम ब्रांच गोरखपुर की टीम भी लामा की शक्ल में माला चुराने वाले थाई नागरिकों की तलाश में लगी थी। क्राइम ब्रांच का दावा है कि इसके लिए शक के आधार पर एक इनोवा गाड़ी के चालक के फोन को सर्विलांस पर लगाया गया था। लोकेशन के आधार पर बृहस्पतिवार रात चार थाई नागिरकों को कुशीनगर मार्ग पर सोनबरसा के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने पूछताछ के बाद गोपालगंज (बिहार) निवासी वाहन चालक को छोेड़ दिया। पकड़े गए लोगों की पहचान थाईलैंड, नान्थाबुरी के श्रीचाईं, फ्रुक उर्फ बुनटीरानान, बैंकाक कोलसुक के पट्टा रावत और यहीं के कीराती पाई के रूप में हुई। इन्होंने कोलकाता के बेल्लूर मठ से रामकृष्ण परमहंस की ऐतिहासिक माला और वाराणसी के कबीर चौरा मठ से संत कबीर की माला चोरी करने की बात कबूल की। कबीर चौरा की ऐतिहासिक माला की फोटो भी इनके पास से बरामद हुई है। पूछताछ में चोरों ने कोलकाता एयरपोर्ट पर पुलिस सख्ती के कारण निजी चौपहिया वाहन से सोनौली जाने और और वहां से नेपाल होते हुए वह थाईलैंड फरार होने की योजना स्वीकार की। एसएसपी प्रदीप कुमार के मुताबिक चोरी की गई मालाएं इनके साथियों के कब्जे में हैं, पूछताछ में मिले सुरागों से जल्द ही पुलिस उन तक पहुंच जाएगी। बेल्लूर मठ में चोरी करने वाले श्रीचाईं को कोलकाता पुलिस जबकि बाकी तीन को वाराणसी पुलिस वारंट पर अपने साथ ले गई।