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छठ गीतों की गूंज के बीच आज होगी डूबते सूरज की पूजा

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छठ पूजा के लिए खरीदारी करते श्रद्धालु। - फोटो : Amar Ujala
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गोरखपुर। केरवा जो फरेला घवद में..., कांच ही बांस की बहंगिया बहंगी लचकत जाए... आदि गीतों की गूंज से बुधवार को शहर की फिजा छठ मइया की भक्ति से ओतप्रोत रहा। चार दिवसीय छठ महापर्व के दूसरे दिन खरना से छठ मइया के गीत जगह-जगह गूंजते सुनाई दिए। कई जगहों पर पंडाल सजाकर छठ मइया की प्रतिमा स्थापित कर पूजा की तैयारियां चल रही हैं। इन पंडालों पर गूंजते छठ मइया के गीत माहौल को भक्तिमय करते रहे। वहीं कई घरों में खरना से ही माताओं ने निराजल व्रत शुरू कर दिया है। वहीं तमाम घरों की माताएं गुरुवार को व्रत रखेंगी। इस बीच पूरे दिन छठ घाटों पर तेजी से काम चलता रहा।
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बैरिकेडिंग, पथ प्रकाश समेत अन्य सुविधाओं को चौकस करने में पूजा समितियों के लोगों के साथ ही नगर निगम के लोग और स्वयं सेवक जुटे रहे। कई जगह अस्थायी घाट बनाकर छठ माता की प्रतिमा भी स्थापित की गई। गुरुवार को छठ घाटों पर अस्ताचल भास्कर को अर्घ्य देने के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ेगा। उधर, बुधवार को बाजारों में व्रत सामग्री की खरीदारी पूरे दिन चली। इस क्रम में शहर में विभिन्न मार्गों पर दिन में कई बार जाम के हालात भी बने।

दोपहर से ही आबाद हो जाएगा मेला
छठ घाटों पर गुरुवार दोपहर से ही श्रद्धालु आने शुरू हो जाएंगे। सिर पर पूजा सामग्री एवं प्रसाद से भरा दउरा लेकर व्रती महिलाओं के परिवारवाले निकलेंगे। सूर्यकुंड धाम, गोरखनाथ, महेसरा घाट, राजघाट, तकिया घाट, महेसरा घाट, रामगढ़ ताल स्थित घाट पर दोपहर दो बजे तक हर साल इतनी भीड़ जुट जाती है कि मेले सा नजारा हो जाता है।
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शाम से ही लागू हुआ रूट डायवर्जन
छठ पूजा के मद्देनजर घाटों की ओर जाने वाले रास्तों पर बुधवार शाम से ही रूट डायवर्जन देखने को मिला। शहर से राजघाट जाने वाले रास्ते भारी वाहनों के लिए बंद कर दिए गए। इससे कई बार कई मार्गों पर जाम के हालात भी बने लेकिन पुलिसकर्मियों की मुस्तैदी से आवागमन में विशेष बाधा नहीं पड़ी।

आम की लकड़ी जुटाने की मशक्कत
छठ व्रत जितना कठिन है, उतनी ही इसकी तैयारियां भी। प्रसाद तैयार करने को लेकर कई घरों में विशेष इंतजाम दिखा। परिवार के पुरुष सदस्य प्रसाद तैयार करने के लिए आम की लकड़ी जुटाने के लिए मशक्कत करते रहे। इन लकड़ियां से घर में अलग से चू्ल्हा जोड़कर आग जलाई गई। इसी चूल्हे पर प्रसाद तैयार किया गया

शाम को रोशन हो उठे छठ घाट
शहर के छठ घाट बुधवार शाम को ही रोशनी से नहा उठे। घाटों पर प्रकाश की बेहतर व्यवस्था की गई है। घाटों को रंग बिरंगी झालरों से सजाया गया है। साथ ही तेज रोशनी करने वाली लाइटें भी बुधवार शाम से ही घाटों पर जगमगाने लगीं।

इन रास्तों पर रूट डायवर्जन
26 अक्टूबर से दोपहर तीन से शाम छह बजे तक और 27 अक्टूबर को तड़के तीन से सुबह 10 बजे तक घाट वाले मार्गों पर वाहन पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगे। रोडवेज बस और एंबुलेंस के आवागमन नहीं रोका जाएगा।
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- हाबर्ट बांध तिराहे से हनुमानगढ़ी, तकियाघाट की ओर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
- लालडिग्गी चौराहे से पुरानी मछली मंडी की ओर से वाहन नहीं जाएंगे।
- मिर्जापुर चौराहे से बांध की तरफ चार पहिया, दो पहिया, रिक्शा, साइकिल के प्रवेश नहीं होंगे।
- सूरजकुंड रेलवे क्रॉसिंग से मानसरोवर की ओर भारी वाहन के अलावा रिक्शा, दो पहिया वाहन भी नहीं जाएंगे।
- गोरखनाथ ओवरब्रिज के नीचे क्रॉसिंग से गोरखनाथ मंदिर की तरफ कार, दो पहिया और रिक्शा नहीं जाएंगे।
- हुमायूंपुर ओवरब्रिज से होते हुए गोरखनाथ मंदिर की तरफ कोई वाहन नहीं जाएंगे।
- जगेसर पासी चौराहा होते हुए गोरखनाथ मंदिर की तरफ आने वाले सभी वाहनों को रोका जाएगा।
- बरगदवां की तरफ से आने वाले वाहन कौड़िहवा मोड़ से मंदिर के पीछे होते हुए दुर्गाबाड़ी होकर जाएंगे।
- कौड़िहवा मोड़ तिराहे से गोरखनाथ मंदिर की तरफ आने वाले सभी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा।
- सौनाली की तरफ से आने वाले सभी प्रकार के वाहन छात्रसंघ चौराहा, मोहद्दीपुर, चार फाटक होते हुए खजांची के रास्ते बरगदवां चौराहे पर पहुंचेंगे।
- पीपीगंज की तरफ से आने वाले वाहन इसी रास्ते शहर में आएंगे।
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