फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गीडा: मुख्यमंत्री के सामने उठा ब्याज माफी का मुद्दा चैंबर ऑफ

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पदाधिकारियों ने गीडा प्रशासन की उद्योग विरोधी नीतियों के संबंध मुख्यमंत्री से शिकायत की। पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री के सामने ब्याज माफी के अलावा नक्शा पास करने में हो रही हीलाहवाली का मुद्दा भी उठाया।
विज्ञापन

चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष प्रमोद मस्करा, उपाध्यक्ष आरएन सिंह, महासचिव प्रवीण मोदी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से गोरखनाथ मंदिर में मिला। इस दौरान प्रमोद मस्करा ने मुख्यमंत्री से गीडा प्रशासन की ओर से बिना प्लाट विकसित किए आवंटन करने और फिर आवंटन की तिथि से ब्याज निर्धारित करने के संबंध में शिकायत की। बताया कि जिस वक्त प्लाटों का आवंटन किया गया था, उस समय आवंटित प्लाट करीब पांच छह फीट गहरा था। साथ ही बिजली की व्यवस्था नहीं थी। इसके बावजूद गीडा प्रशासन की ओर से सभी को नोटिस भेजा जा रहा है। किसी-किसी को तो 80 लाख रुपये तक को नोटिस भेजा गया है। पूर्व अध्यक्ष पीसी अग्रवाल ने कहा कि नक्शा पास करने में छह महीने तक का समय लग जाता है। देरी खुद गीडा करता है, लेकिन खामियाजा उद्यमियों को भुगतना पड़ता है। आरएन सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने बिना विकसित किए प्लाटों के आवंटन और उसके बावजूद आवंटन की तिथि से ब्याज निर्धारित करने को गलत बताते हुए कमिश्नर को इस संबंध में उचित कदम उठाने का निर्देश दिया है। साथ ही एक महीने में नक्शा पास करना सुनिश्चित करने को कहा है। प्रतिनिधिमंडल में आजम खां, नवीन अग्रवाल भी शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें