अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। शहर में लड़खड़ाई बिजली व्यवस्था पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजली विभाग के चीफ इंजीनियर एके सिंह को तलब कर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने देर तक शट डाउन लेने पर आपत्ति दर्ज कराते हुए तत्काल इसे बंद कराने को कहा। निर्देश दिए कि विभाग को अगर तार या ट्रांसफार्मर आदि बदलने में ज्यादा समय लगता है तो एक साथ लंबे समय के बजाए अलग, अलग अंतराल पर शट डाउन लिए जाएं ताकि गर्मी में लोगों को ज्यादा परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि अगर कहीं पर फाल्ट होता है तो उसे जल्द से जल्द दुरुस्त कराया जाए। इस काम में लापरवाही बरतने वालों पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
उधर, सीएम की नाराजगी के बाद बुधवार को नगरीय विद्युत वितरण खंड द्वितीय के हटाए गए अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) आरसी पांडेय गुरुवार को सस्पेंड भी कर दिए गए। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी सुरेश चंद्र भारती ने यह कार्रवाई करते हुए उन्हें मुख्य अभियंता (वितरण) आजमगढ़ क्षेत्र से संबद्ध कर दिया है। उनकी जगह धीरज सिन्हा को नगरीय विद्युत वितरण खंड द्वितीय बक्शीपुर का नया एक्सईएन बनाया गया है। इसके पहले धीरज अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम आजमगढ़ के पद पर तैनात थे। करीब डेढ़ साल पहले वह गोरखपुर में भी बतौर एक्सईएन तैनात थे।
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इसलिए भड़के मुख्यमंत्री
गोरखपुर। दरअसल 14 जून को मुख्यमंत्री के गोरखपुर पहुंचने के एक दिन पहले मंगलवार की दोपहर में आई आंधी-पानी से नगरीय विद्युत वितरण खंड द्वितीय बक्शीपुर से जुड़े गोरखनाथ इंडस्ट्रीयल एरिया, दुर्गाबाड़ी, सूरजकुंड, विकासनगर उपकेंद्रों में बिजली गुल हो गई थी। करीब आठ घंटे बाद विकास नगर उपकेंद्र को छोड़ बाकी उपकेंद्रों की बिजली बहाल हो गई। मगर 33 केवी का तार टूटने के साथ ही सात पोल क्षतिग्रस्त होने की वजह से विकास नगर उपकेंद्र से जुड़े इलाकों की बिजली करीब 24 घंटे बाद बहाल हो सकी। इसके अलावा शहर के क ई इलाकों में चार से छह घंटे तक के शट डाउन और लो वोल्टेज की समस्या से भी शहर के लोग बेहाल थे। इसकी जानकारी जब मुख्यमंत्री को हुई तो उन्होंने बुधवार को पावर कारपोरेशन के एमडी को फटकार लगाने के साथ ही गुरु वार की दोपहर 12 बजे यहां के मुख्य अभियंता को तलब किया था।