संतकबीरनगर। अखिल भारतीय प्रधान संगठन के बैनर तले प्रधानों ने शनिवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि उनका हक छीना जा रहा है। प्रधानों ने डीएम को ज्ञापन देकर राज्य वित्त आयोग एवं केंद्र सरकार से मिलने वाले धन को बैंक खाते में भेजने की मांग की।
संगठन के जिला उपाध्यक्ष राजीव सिंह ने कहा कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता के कार्यक्रमों जैसे स्कूल शौचालय निर्माण, मरम्मत, इंडिया मार्क हैंडपंप की मरम्मत एवं रिबोर, प्राथमिक विद्यालय भवनों के रख-रखाव आदि के लिए बार-बार बैठकों में निर्देश दिए जाते हैं। परंतु राज्य वित्त आयोग एवं केेंद्र सरकार से मिलने वाला धन इस वित्तीय वर्ष में नहीं दिया गया है। परिणामस्वरूप समस्त कार्य प्रभावित हैं। जनहित के कार्य जैसे नाली निर्माण, मरम्मत, सड़क, खड़ंजा निर्माण आदि नहीं हो पा रहे है। गांव के लोग परेशान हैं। उन्होंने इन मदों के धन को अविलंब ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो वे लोग मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाएंगे। इस दौरान होरीलाल, जितेंद्र सिंह, मालती देवी, अशोक चौधरी, रामस्नेही गुप्त, अवध कुमार, राजू, संतोष मिश्र, सुमित्रा देवी, सुशील कुमार आदि मौजूद रहे।
प्रधानों ने ब्लॉक पर तालाबंदी की
मेंहदावल। विभिन्न मांगों को लेकर प्रधान संघ ने शनिवार को मेंहदावल ब्लॉक मुख्यालय पर तालाबंदी कर हुंकार भरी। प्रधानों ने चौदहवां वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग एवं परफॉर्मेंस ग्रांट के खाते पर लगी रोक को हटाने की मांग की। प्रधान संघ ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन बीडीओ को दिया।
प्रधान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद पांडेय (मोनू) ने कहा कि चौदहवां वित्त, राज्य वित्त एवं परफॉर्मेंस ग्रांट बजट के खाते पर रोक लगाए जाने से गांवों का विकास पूरी तरह ठप है। मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों का समय से भुगतान न होने से मनरेगा मजदूरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांवों के विकास में बाधा उत्पन्न हो रही है। इस दौरान प्रधान जेपी मिश्रा, अब्दुल कलाम, आशुतोष पांडेय, बबलू दूबे, सत्यदेव यादव, अवधेश राय, गुनई गुप्ता, लालजी यादव, रूदल यादव, मोहम्मद अकरम, अलाउद्दीन, चुन्नू तिवारी, रामअवध आदि प्रधान मौजूद रहे।