गोरखपुर। मेडिकल कॉलेज में निर्माण के दौरान घटिया ईंट के इस्तेमाल पर काम कराने वाली दो फर्म से आठ लाख रुपये से अधिक की वसूली हुई है। साथ ही निगरानी में लापरवाही पर यूपीसिडको के अवर अभियंता सुभाष चंद्र को प्रतिकूल प्रविष्टि देने की संस्तुति की गई है।
करीब डेढ़ महीने पहले कमिश्नर अमित गुप्ता ने मेडिकल कॉलेज में हो रहे निर्माण का निरीक्षण किया था। उस दौरान 50 सीट वाले पीजी मैरीड छात्रावास के तहत इंटरलॉकिंग में ईंट की गुणवत्ता खराब मिली थी। उन्होंने कार्यदायी संस्था यूपीसिडको को ईंट के लिए हुए भुगतान की रिकवरी का निर्देश दिया। इस पर यूपीसिडको ने काम कराने वाले झुंगिया बाजार के जायसवाल बिल्डर्स से दो किस्तों में 4.62 लाख रुपये की रिकवरी की।
इसी तरह नगर निगम की ओर से कॉलेज परिसर में ही पिंक टॉयलेट के सामने मार्ग की पटरी पर भी इंटरलॉकिंग में ईंट की गुणवत्ता खराब पाई गई। कमिश्नर के निर्देश पर ठेकेदार मेसर्स प्रभाकर पांडेय से 4.08 लाख की वसूली की साथ ही उन्हें काली सूची में डालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।