गोरखपुर। बॉयो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण की सही व्यवस्था न होने पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने बीआरडी मेडिकल कॉलेज पर पांच करोड़ का जुर्माना लगाने की संस्तुति की है। इसके साथ ही दो वर्ष में मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मरने वाले बच्चों के परिवारों को मुआवजा देने को भी कहा। मुआवजे की रकम जिम्मेदार अधिकारियों वेतन से वसूली जाएगी।
दरअसल, एक नवंबर को एनजीटी की यूपी कमेटी ने मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया था। तब कमेटी ने वहां बॉयो मेडिकल वेस्ट का निष्पादन ठीक ढंग से होता नहीं पाया। बॉयो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2016 के तहत कॉलेज में चार तरह की डस्टबिन रखकर मेडिकल वेस्ट को श्रेणीवार रखा जाना चाहिए था। इनके अलग करने की भी कोई व्यवस्था नहीं मिली। इसके साथ ही कैंपस में बॉयो मेडिकल वेस्ट खुले में डंप मिला। इससे सड़ांध उठकर हवा दूषित कर रही थी।
इतना ही नहीं दो के बजाए एक ही इंसिनिरेटर मिला। कोई एसटीपी या ईटीपी नहीं था। निरीक्षण के बाद 17 नवंबर को एनजीटी की कमेटी ने अपनी रिपोर्ट देते हुए जुर्माने के साथ ही प्रदेश सरकार को कॉलेज में बायो मेडिकल वेस्ट निस्तारण की समुचित व्यवस्था कराने की संस्तुति दी थी। प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने इस संबंध में सीधे कोई प्रतिक्रिया देने से इन्कार किया। कहा कि ऐसा कोई आदेश है तो लीगल सेल से बात करने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।