पशु पालक जानवरो ंको ठंड से बचाने के लिए उन्हें ऊनी कपड़ाें से ढक कर रख रहे हैं।
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सिद्धार्थनगर। कड़ाके की ठंड ने इंसान ही नहीं पशु-पक्षिओं को भी बेहाल कर दिया है। ठंड के असर से उन्हें बचाने के लिए पालक अब पशुओं को भी ऊनी कपड़े में ढंक रहे हैं। अलाव जलाकर उन्हें आग की तपिश दी जा रही है। ठंड का तेवर मंगलवार को भी बरकरार रहा। सूर्य के दर्शन नहीं हुए। दिन भर बादल छाए रहने और सर्द हवाओं के कारण लोग घरों में दुबके रहे। न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेंटीग्रेड रिकार्ड किया गया।
हालांकि तीन किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बर्फीली हवाओं के कारण लोगों को पांच डिग्री जैसी सर्दी का अहसास होता रहा। पिछले एक माह से जारी सर्दी का कहर बरकरार है। मौसम के रूख में कोई नरमी न दिखने से हर वर्ग बेहाल है। उधर, ठंड के चलते लगातार बंद चल रहे स्कूल भी बुधवार से खुलेंगे। छुट्टी की अफवाहों का खंडन करते हुए बीएसए मनीराम सिंह ने बताया कि बुधवार को कक्षा-1 से 8 तक के सभी स्कूल सुबह 10 से अपराह्न तीन बजे तक खुलेंगे। निरीक्षण में अनुपस्थित मिलने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी।
डुमरियागंज प्रतिनिधि के अनुसार, तहसील क्षेत्र के पिकौरा गांव में मंगलवार की देर शाम ठंड से मासूम की मौत हो गई। गांव निवासी नागेंद्र दुबे के पुत्र राकेश (6 माह) की मंगलवार की दोपहर बाद अचानक तबीयत खराब हो गई। उल्टी-दस्त व गला जाम होने के साथ चेहरा काला पड़ने लगा। परिजन नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उधर, तहसीलदार शिवमूर्ति सिंह का कहना था कि ठंड से मौत की सूचना नहीं मिली है। हलका लेखपाल को भेजकर जानकारी ली जाएगी।