गोरखपुर।
स्काडा योजना के तहत 33 हजार केवी लाइन पर अनियमितता के आरोप की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। मंगलवार को पावर कारपोरेशन, लखनऊ एवं पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के अधिकारियों ने मौके पर जाकर जांच की। इस दौरान नगरीय विद्युत वितरण क्षेत्र में लगाए गए 250 केवीए के पांच ट्रांसफार्मरों का स्थलीय सत्यापन भी अधिकारियों ने किया।
दुर्गाबाड़ी से एफसीआई की 33 हजार केवी लाइन एवं ट्रांसफार्मरों को लगाए जाने में व्यापक अनियमितता की शिकायत की गई थी। सूत्रों की माने तो फेनसिंग व ग्राउथिंग में गड़बड़ी पर जांच अधिकारियों ने फोटोग्राफी भी कराई है। जांच टीम के आने की सूचना के बाद बिजली कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति है। मौके पर ही जांच अधिकारियों ने बिजली कर्मियों को कमियां दूर कराने का निर्देश भी दिया है। जांच टीम में शामिल प्रवीण मिश्रा ने बताया कि अनियमितता की शिकायत पर जांच की गई है। जल्द ही शासन को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
तीन अधिशासी अभियंता व 11 एसडीओ हुए नियुक्त
गोरखपुर। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के गोरखपुर जोन के अंतर्गत तीन अधिशासी अभियंताओं और 11 एसडीओ की नियुक्ति हुई है। मंगलवार को मोहद्दीपुर स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय पहुंचकर सभी ने ज्वाइनिंग प्रक्रिया को पूरा किया। चौरी चौरा नवसृजित खंड में अशर्फुल रहमान को अधिशासी अभियंता बनाया गया है। कुशीनगर जिले के हाटा क्षेत्र में नवसृजित खंड में सुजीत कुमार गुप्ता एवं बरहज देवरिया के लिए सचिन कुमार सिन्हा को अधिशासी अभियंता बनाया गया है। तैनात किए गए 11 एसडीओ में सुनील राम, अभिषेक चौहान, विमलेश मौर्या, देवेंद्र बहादुर सिसौदिया, राहुल कुमार, नवदीप कुमार सिंह, उपेन्द्रनाथ चौरसिया, विजय कुमार जायसवाल, आशीष कुमार, आलोक रंजन गुप्ता एवं अमितेश्वर गोस्वामी के नाम शामिल हैं।
ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ाकर दूर करेंगे समस्या
30 मोहल्ले के हजारों लोगों को मिलेगी राहत
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर।
बिजली महकमे ने 30 मोहल्लों में ओवरलोडेड ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि का काम शुरू कर दिया है। इससे हजारों उपभोक्ताओं को न सिर्फ लो वोल्टेज की समस्या से राहत मिल जाएगी बल्कि फाल्ट में भी कमी आएगी।
पूर्वांचल निगम के एमडी के निर्देश पर बिजली विभाग के अभियंताओं ने विभिन्न क्षेत्रों का सर्वे कर ओवरलोडेड ट्रांसफार्मरों को चिह्नित किया था। अधिकारियों का दावा है कि 10 मोहल्लों में क्षमता वृद्धि का काम हो चुका है। ओवरलोड की स्थिति का कारण विभिन्न योजनाओं में स्वीकृत ट्रांसफार्मरों को लगाने के लिए जगह का न मिलना भी है। यदि ये ट्रांसफार्मर लग गए होते तो ओवरलोड की समस्या ही नहीं होती। उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति हो पाती। अधीक्षण अभियंता एके सिंह ने बताया कि महानगर के विभिन्न उपकेंद्रों पर तैनात अवर अभियंताओं ने अपने-अपने क्षेत्र में 30 मोहल्लों के ट्रांसफार्मर के ओवरलोड होने की रिपोर्ट दी थी। इन इलाकों में विभाग ने क्षमता वृद्धि का काम शुरू कर दिया है।
इन मोहल्लों में है परेशानी
सैनिक विहार सेक्टर ए और बी, पवन विहार पुराना, मोहद्दीपुर चौराहा, दरगहिया, गायत्रीनगर, चारफाटक रोड, प्रभात गली, गरिमा नर्सिंग होम गली, बक्शीपुर, माधो सिंह बंधा, अलीनगर, शिवपुर सहबाजगंज, जनप्रिय विहार, हुमायूंपुर उत्तरी, बसंतपुर, नार्मल, फलमंडी, साहबगंज किराना मंडी सहित 30 मोहल्लों में ओवरलोडेड ट्रांसफार्मर चिह्नित हुए हैं।