गोरखपुर समेत पूर्वांचल के 12 जिलों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत तैनात करीब 30 हजार संविदा कर्मचारियों को नए साल पर पीएफ का तोहफा मिलेगा। इन जिलों की जिला स्वास्थ्य समितियों पर संविदा कर्मचारियों के पीएफ बकाए के निर्धारण की प्रक्रिया तकरीबन पूरी हो चुकी है। इन समितियों पर कर्मचारियों के एक अप्रैल 2015 से अब तक पीएफ के करीब 24 करोड़ रुपये की देनदारी निकल रही हैं। प्रत्येक जिले पर करीब दो करोड़ रुपये का बकाया तय हुआ है। इसकी वसूली के लिए जनवरी के पहले सप्ताह में ही नोटिस जारी होने की उम्मीद है। रकम जमा करने के लिए 15 दिन की मोहलत दी जाएगी। तय समय के भीतर बकाया नहीं जमा करने पर संबंधित समितियों के बैंक खातों को सीज कर पीएफ महकमा रकम निकाल लेगा।
पहले एनएचएम के संविदा कर्मियों को पीएफ नहीं देने का प्रावधान किया गया था। मगर इसे लेकर जो आदेश जारी हुए थे वे 31 मार्च 2015 तक के लिए ही थे। इसके बाद कर्मचारियों के पीएफ का अंशदान नहीं जमा करने पर पीएफ कमिश्नर वीवीबी सिंह ने छह अप्रैल 2016 को जोन के 12 जिले के सीएमओ, डीएम, कमिश्नर के अलावा एनएचएम के उत्तर प्रदेश के निदेशक और प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को पत्र लिखकर संविदा कर्मचारियों का पीएफ जमा करने को कहा था। कई बार रिमाइंडर भी भेजा। मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने संबंधित जिलों के सीएमओ को समन जारी कर कर्मचारी भविष्य अधिनियम की धारा सात ए के तहत बकाया निर्धारण की कार्रवाई के लिए 31 अक्टूबर को उपस्थित होने के लिए कहा। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक बकाया निर्धारण की कार्रवाई पूरी हो गई है। सप्ताह भर के भीतर वसूली का आदेश जारी हो जाएगा।
सीएमओ गोरखपुर, गोंडा को जारी हो चुका है वारंट
समन के बाद भी गोरखपुर और गाेंडा के सीएमओ के नहीं आने पर उनके खिलाफ जमानती वारंट भी जारी हो चुका है। इसी बीच एनएचएम निदेशक ने पीएफ महकमे की कार्रवाई पर मुहर लगाते हुए सभी सीएमओ को संबंधित कर्मचारियों के पीएफ का अंशदान देने का भी निर्देश जारी किया गया है।
इन जिलों के एनएचएम कर्मियों को मिलेगा लाभ
गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, संतकबीरनगर, बस्ती, गोंडा, सिद्धार्थनगर, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, बलिया
15 हजार तक मानदेय पाने वाले 12 जिलों के सभी एनएचएम संविदा कर्मचारियों के पीएफ बकाये के निर्धारण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जल्द ही संबंधित जिलों को बकाये की जानकारी देते हुए उनसे वसूली की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी।
- वीवीबी सिंह, पीएफ कमिश्नर
होमगार्डों, रेलवे के कांट्रेक्ट मजदूरों को भी पीएफ की कवायद
पीएफ महकमा अब होमगार्डों को भी पीएफ दिलाने की कवायद शुरू करने जा रहा है। पीएफ कमिश्नर वीवीबी सिंह ने बताया कि इस संबंध में विभाग के जिला एवं डिविजन क मांडेंट के साथ ही शासन को भी पत्र लिखकर होमगार्डों के पीएफ का अंशदान जमा करने के लिए कहा गया है। अगर अंशदान नहीं जमा किया गया तो कर्मचारी भविष्य अधिनियम की धारा सात ए के तहत पीएफ बकाए के निर्धारण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बताया कि इसी तरह पूर्वोत्तर रेलवे को भी पत्र भेजकर कांट्रेक्ट मजदूरों के पीएफ का अंशदान जमा करने को कहा गया है।