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‘बाढ़ पीड़ितों के प्रति संवेदनशील है सरकार’

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सिद्धार्थनगर। सूबे के परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बाढ़ पीड़ितों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने कहा कि पीड़ितों के प्रति सरकार की पूरी सहानुभूति है। मुख्यमंत्री खुद बचाव व राहत कार्य की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। प्रत्येक पीड़ित तक पारदर्शी ढंग से गुणवत्तापूर्ण राहत सामग्री पहुंचाने के लिए प्रशासन को कड़े निर्देश दिए गए हैं।
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जिले के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के भ्रमण पर आए मंत्री ने पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि बाढ़ पीड़ितों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। कहा कि सिद्धार्थनगर में बाढ़ की भयावह स्थिति है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर वह जिले में आए हैं ताकि राहत कार्य को निरंतर सुचारू ढंग से कराया जा सके। बाढ़ पीड़ितों की हर क्षति का सर्वे कर मुआवजा देने की व्यवस्था की गई है। प्रशासन को इसके लिए निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि राहत व बचाव कार्य में अगर किसी भी तरह की लापरवाही मिली तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। परिवहन मंत्री ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के भ्रमण के बाद देर शाम रेस्ट हाउस परिसर में ही जिले के अफसरों संग बैठक कर बाढ़ राहत कार्य की समीक्षा की। कहा कि बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में किसी तरह की लापरवाही न हो। कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं रहना चाहिए। बीमारी से बचाव के लिए लगातार गांवों में स्वास्थ्य टीम भेजकर दवाओं का वितरण कराते रहे । इस दौरान इटवा विधायक ने बाढ़ राहत में डीएम के प्रयासों को सराहा। बैठक में जिलाध्यक्ष रामकुमार कुंवर, विधायक चौधरी अमर सिंह, श्यामधनी राही, डॉ.सतीश द्विवेदी सहित डीएम कुणाल सिल्कू, एसपी सत्येंद्र कुमार, सीडीओ अनिल कुमार मिश्र, एडीएम प्रमोद शंकर शुक्ल, एसडीएम डॉ.महेंद्र कुमार आदि अधिकारी मौजूद रहे।
इनसेट
भाजपा जिलाध्यक्ष ने गिनाई प्रशासन की खामियां
रेस्ट हाउस परिसर में बैठक के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष रामकुमार कुंवर ने परिवहन मंत्री को बाढ़ राहत कार्य में प्रशासन की खामियां गिनाईं। तटबंधों के टूटने के लिए विभागीय अफसरों की लापरवाही को जिम्मेदार बताया। कहा कि तटबंधों की जर्जर हालत को लेकर लगातार ज्ञापन दिया जाता रहा। बावजूद इसके अफसरों ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने जलमग्न गांवों की सूची में गांवों के चयन में मनमानी का आरोप लगाया। कई क्षेत्रों में लेखपालों के जरिए धनउगाही की शिकायत की। वितरित हो रहे चावल-आलू की गुणवत्ता पर असंतोष जताया। उन्होंने सामग्री वितरण में आधार कार्ड, जॉब कार्ड की बाध्यता खत्म करने, मवेशियों के लिए चारा, टीका सुनिश्चित कराने, गांवों के संपर्क मार्ग की मरम्मत, बाढ़ पीड़ितों की सूची बनाने में मनमानी पर रोक लगाने की मांग की।
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